Sushant Singh Rajput Quotes: सुशांत सिंह राजपूत के 10 विचार जो देंगे प्रेरणा

सुशांत सिंह राजपूत के 10 विचार जो देंगे प्रेरणा
प्रतिक्रियाएँ
Ravi sinha

Ravi sinha

2 घंटे पहले

Sapne dekhne waale hi unhe poora karte hain.

Kunal Rao

Kunal Rao

5 घंटे पहले

Mushkilon se haar nahi maani, yehi asli jeet hai.

Ayaan Khan

Ayaan Khan

5 घंटे पहले

Yeh story sabko share karni chahiye, bahut motivating hai.

Riya Jain

Riya Jain

6 घंटे पहले

Yeh khabar padh ke dil bhar aaya, kya himmat hai!

Nidhi kumari

Nidhi kumari

8 घंटे पहले

Mushkilon se haar nahi maani, yehi asli jeet hai.

Krishna Yadav

Krishna Yadav

9 घंटे पहले

Yeh padhke lagta hai hum bhi kuch kar sakte hain!

Aarohi Chaudhary

Aarohi Chaudhary

10 घंटे पहले

Yeh khabar padh ke dil bhar aaya, kya himmat hai!

Nidhi kumari

Nidhi kumari

10 घंटे पहले

Haar ke baad jeetna hi asli champion ki pehchaan hai.

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सुशांत सिंह राजपूत के विचार आज भी देते हैं प्रेरणा
14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत के निधन की खबर ने उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत को गहरा झटका दिया था। 34 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले सुशांत ने छोटे शहर से निकलकर मनोरंजन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके इंटरव्यू और पब्लिक इंट्रैक्शन में कही गई कई बातें आज भी सपनों, मेहनत, असफलता और जिंदगी को लेकर युवाओं को प्रेरित करती हैं।

 

कंफर्ट जोन से बाहर निकलना जरूरी
सुशांत का मानना था कि जिंदगी में खुशी के करीब पहुंचने के लिए उत्सुकता जरूरी है। उनके मुताबिक कुछ चीजें हमें पता होती हैं और कुछ के बारे में हमें तभी जानकारी मिलती है, जब हम जोखिम लेकर अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलते हैं। उनकी यह सीख नई चीजें सीखने और अपने अनुभवों का दायरा बढ़ाने की प्रेरणा देती है।

 

सपना देखने का साहस रखें
सुशांत के अनुसार अगर किसी व्यक्ति में सपना देखने की हिम्मत है और वह खुद को यह विश्वास दिला सकता है कि वह अपने लक्ष्य को हासिल कर सकता है, तो सफलता की संभावना बनी रहती है। उनके विचार में लक्ष्य हासिल करना कई बार समय का सवाल होता है, लेकिन शुरुआत खुद पर विश्वास करने से होती है।

 

अपनी कहानी खुद लिखिए
IFFM अवॉर्ड के दौरान सुशांत ने अपने सफर का जिक्र करते हुए बताया था कि 2006 में वह बड़े बॉलीवुड कलाकारों के पीछे बैकग्राउंड डांसर के तौर पर काम करते थे। बाद में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई। उनका यह सफर इस बात की मिसाल के तौर पर पेश किया जाता है कि समय के साथ व्यक्ति अपनी परिस्थितियों से आगे बढ़कर अपनी अलग कहानी बना सकता है।

 

असफलता भी जरूरी है
सुशांत ने असफलता को सीखने और नई कोशिश करने से जोड़कर देखा। उनके अनुसार अगर कोई व्यक्ति कई कोशिशों में कभी-कभार सफल होता है, तो सफलता का अनुभव उसके लिए ज्यादा नया और खास महसूस हो सकता है। असफलता व्यक्ति को अलग तरीके से प्रयास करने और नई दिशा तलाशने का अवसर भी दे सकती है।

 

हर चीज को कसकर पकड़ना जरूरी नहीं
लियोनार्ड कोहेन को उद्धृत करते हुए सुशांत ने कहा था कि कभी-कभी अपनी पकड़ छोड़ने के बाद व्यक्ति किसी बेहतर अनुभव या रचनात्मक स्थिति तक पहुंच सकता है। इस विचार का अर्थ यह है कि जिंदगी में हर परिस्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने की कोशिश करने के बजाय कुछ चीजों को सहज रूप से आगे बढ़ने देना भी जरूरी हो सकता है।

 

खुद पर विश्वास बनाए रखें
सुशांत के विचारों में आत्मविश्वास को खास महत्व मिलता है। उनका मानना था कि जो व्यक्ति खुद को सक्षम मानता है और जो खुद को असमर्थ मानता है, दोनों अपने-अपने विश्वास के अनुसार सही साबित हो सकते हैं। इसलिए किसी लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए पहले खुद को यह विश्वास दिलाना जरूरी है कि सपना पूरा किया जा सकता है।

 

आज पर ध्यान देने की सीख
भविष्य को लेकर सवाल किए जाने पर सुशांत ने वर्तमान पर ध्यान देने की बात कही थी। उनके मुताबिक अगर व्यक्ति प्रतिभाशाली है और नई स्किल सीखना चाहता है, तो एक समय के बाद उसे पुरानी चीजों से आगे बढ़ना पड़ता है। यह सोच लगातार सीखते रहने और बदलती परिस्थितियों के साथ आगे बढ़ने पर जोर देती है।

 

सावधानी के साथ नई चीजें आजमाना
सुशांत के एक विचार में यह बात सामने आती है कि जरूरत से ज्यादा सावधान रहना भी नई खोज के रास्ते में बाधा बन सकता है। उनके मुताबिक अलग-अलग चीजें आजमाने और असफल होने से ही कभी-कभी कुछ नया हासिल करने का मौका मिलता है। इस सोच में असफलता को सीखने और प्रयोग करने की प्रक्रिया का हिस्सा माना गया है।

 

समय और परिस्थितियों पर भरोसा रखें
सुशांत का मानना था कि व्यक्ति चाहे किसी भी जगह से आया हो या उसकी परिस्थितियां कैसी भी रही हों, अगर उसे अपने काम पर विश्वास है तो वह अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकता है। उनके विचार में परिस्थितियां हमेशा सपनों का अंतिम फैसला नहीं करतीं और सही दिशा में लगातार प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 

 

इंस्पिरेशन खुद से लेने की बात
जब सुशांत से पूछा गया कि वह प्रेरणा किससे लेते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया था कि खुद से। इसके पीछे उनका तर्क था कि वह जहां तक पहुंचे, उसमें उनकी मेहनत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनका यह विचार आत्मनिर्भरता और अपने प्रयासों पर भरोसा रखने की सीख देता है।

 

 

मरणोपरांत सम्मान
दिए गए स्रोत के अनुसार, 2021 में सुशांत सिंह राजपूत को मरणोपरांत ‘समीक्षकों द्वारा सर्वश्रेष्ठ अभिनेता’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उनके अभिनय करियर से जुड़ी उपलब्धियों के रूप में स्रोत में दर्ज है।

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Ravi sinha

Ravi sinha

2 घंटे पहले

Sapne dekhne waale hi unhe poora karte hain.

Kunal Rao

Kunal Rao

5 घंटे पहले

Mushkilon se haar nahi maani, yehi asli jeet hai.

Ayaan Khan

Ayaan Khan

5 घंटे पहले

Yeh story sabko share karni chahiye, bahut motivating hai.

Riya Jain

Riya Jain

6 घंटे पहले

Yeh khabar padh ke dil bhar aaya, kya himmat hai!

Nidhi kumari

Nidhi kumari

8 घंटे पहले

Mushkilon se haar nahi maani, yehi asli jeet hai.

Krishna Yadav

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9 घंटे पहले

Yeh padhke lagta hai hum bhi kuch kar sakte hain!

Aarohi Chaudhary

Aarohi Chaudhary

10 घंटे पहले

Yeh khabar padh ke dil bhar aaya, kya himmat hai!

Nidhi kumari

Nidhi kumari

10 घंटे पहले

Haar ke baad jeetna hi asli champion ki pehchaan hai.

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