अस्पताल या मौत का जाल? : कटक ICU अग्निकांड ने उजागर की लापरवाही

कटक ICU अग्निकांड ने उजागर की लापरवाही

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SCB Medical College and Hospital में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। ट्रॉमा ICU में लगी भीषण आग में अब तक 13 मरीजों की मौत हो चुकी है। ताजा जानकारी के अनुसार, अनुगुल जिले के सुमन कुमार साहू (30) की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ गया।
यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

कैसे लगी आग? वेंटिलेटर का एयर कंप्रेशर बना वजह
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ICU में लगे दो वेंटिलेटरों के एयर कंप्रेशर फटने के कारण आग लगी। इन वेंटिलेटरों को Kirloskar Technology Private Limited के माध्यम से अस्पताल को उपलब्ध कराया गया था। घटना के बाद कंपनी की टीम मौके पर पहुंचकर उपकरणों की जांच कर रही है।

घायल मरीजों का ट्रांसफर, लेकिन नहीं बच सकी जान
सुमन कुमार साहू को गंभीर मस्तिष्क चोट के कारण ICU में भर्ती किया गया था। आग लगने के बाद उन्हें न्यूरो ICU में शिफ्ट किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

सरकार ने बनाई हाई-लेवल जांच कमेटी
Odisha सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है।
इस कमेटी में शामिल हैं: DMET, इलेक्ट्रिकल सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर, बिल्डिंग चीफ इंजीनियर, इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर, कमेटी ने अस्पताल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से बातचीत की। जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट सामने आएगी।

न्यायिक जांच की तैयारी, दोषियों पर गिरेगी गाज
घटना की न्यायिक जांच के लिए कटक में आयोग का कार्यालय खोला जा रहा है। इस मामले में जुड़े सभी लोगों की सूची तैयार की जा रही है और उन्हें नोटिस भेजे जाएंगे।

देशभर में उठे सवाल: क्या अस्पताल सुरक्षित हैं?
इस हादसे के बाद देशभर के अस्पतालों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।
खासकर Uttar Pradesh में सैकड़ों अस्पताल बिना फायर NOC के संचालित होने की खबरें चिंता बढ़ा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
फायर सेफ्टी ऑडिट नियमित नहीं होते,
ICU में उपकरणों की समय-समय पर जांच नहीं होती,
इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम कमजोर है,

राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक ने जताया शोक
Droupadi Murmu ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
Narendra Modi ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और सांसद बैजयंत पंडा ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया।

बड़ा सवाल: इलाज के मंदिर या मौत का जाल?
कटक की यह घटना सिर्फ एक शहर की नहीं, बल्कि पूरे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था का आईना है। जब अस्पताल, जो जीवन बचाने की जगह हैं, खुद खतरे का केंद्र बन जाएं — तो सवाल उठना लाजमी है।

कटक ICU अग्निकांड ने यह साफ कर दिया है कि सिर्फ आधुनिक उपकरण और बड़े अस्पताल ही सुरक्षा की गारंटी नहीं हैं। जरूरी है कि:
हर अस्पताल में फायर सेफ्टी अनिवार्य हो,
नियमित निरीक्षण हो,
जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो |