DUSU Election Result 2026: ABVP Wins 3 Posts: DUSU चुनाव 2026 में ABVP ने 4 में से 3 पद जीते

Kunal Rao
7 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Pihu Agarwal
8 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Vivaan Gupta
10 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Ananya Sharma
11 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Arjun Singh
12 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Vaishali shinde
14 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
DUSU चुनाव परिणाम जारी
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के परिणाम 19 सितंबर को घोषित किए गए। 20 राउंड की मतगणना के बाद ABVP ने चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन के खाते में गया।
अध्यक्ष पद पर यश डबास
ABVP के यश डबास ने अध्यक्ष पद पर 24,576 वोट हासिल किए और NSUI के विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले। इस तरह डबास ने 2,053 वोट के अंतर से अध्यक्ष पद जीता।
सचिव पद पर रिया छाबड़ी
ABVP की रिया छाबड़ी ने सचिव पद पर 21,650 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। इस पद पर उन्होंने NSUI की उम्मीदवार नम्रता चौधरी को पीछे छोड़ा।
संयुक्त सचिव पद भी ABVP के नाम
संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे। उन्हें 16,615 वोट मिले। इस जीत के साथ ABVP ने DUSU के चार केंद्रीय पदों में से तीन पर कब्जा किया।
निर्दलीय दीपांशु शौकीन जीते
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। ABVP के इशू मौर्य को 16,910 और NSUI के वीर चतरथ को 4,313 वोट मिले।
40.46 प्रतिशत मतदान
DUSU चुनाव के लिए 18 सितंबर को मतदान हुआ था। इस बार 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतगणना 19 सितंबर को दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में हुई।
चार केंद्रीय पदों का नतीजा
DUSU के चार केंद्रीय पदों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव शामिल हैं। इस बार अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद ABVP ने जीते, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन विजयी रहे।
जीत के बाद विजय जुलूस पर रोक
परिणाम घोषित होने से पहले अधिकारियों ने विजयी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों से विश्वविद्यालय परिसर या उसके बाहर विजय जुलूस नहीं निकालने को कहा। यह निर्देश दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के अनुरूप था।








