तमिलनाडु में सियासी भूचाल: क्या विजय को रोकने के लिए साथ आएंगे DMK और AIADMK?

Ritika Ghosh
9 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Aditya Verma
11 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Pooja Reddy
12 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है। अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि, सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 सीटों का बहुमत आंकड़ा पार्टी हासिल नहीं कर पाई।
इसी वजह से राज्य में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस लगातार बढ़ता जा रहा है। राजनीतिक दलों के बीच बैठकों और जोड़तोड़ का दौर तेज हो गया है।
राज्यपाल के बयान से बढ़ी हलचल
तमिलनाडु के राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर ने साफ कहा है कि जो भी दल या गठबंधन बहुमत साबित करेगा, उसी को सरकार बनाने का मौका दिया जाएगा।
राज्यपाल के इस बयान के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। अब सभी दल अपने-अपने समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं।
DMK और AIADMK के गठबंधन की चर्चा
तमिलनाडु की राजनीति में सबसे बड़ी चर्चा अब DMK और AIADMK के संभावित गठबंधन को लेकर हो रही है। दशकों से एक-दूसरे के कट्टर विरोधी रहे दोनों दल अब एक साथ आने की संभावना तलाश रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, AIADMK ने DMK से समर्थन मांगा है ताकि विजय को मुख्यमंत्री बनने से रोका जा सके। अगर यह गठबंधन बनता है तो तमिलनाडु की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक मोड़ माना जाएगा।
DMK ने AIADMK के सामने रखी शर्त
सूत्रों के अनुसार, DMK ने AIADMK के सामने भाजपा से गठबंधन तोड़ने की शर्त रखी है। DMK का कहना है कि भाजपा के साथ रहने वाली पार्टी को समर्थन देना उसकी धर्मनिरपेक्ष राजनीति के खिलाफ होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर AIADMK भाजपा से दूरी बनाती है, तो राज्य में नए राजनीतिक समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
कांग्रेस ने TVK को दिया समर्थन
इस बीच कांग्रेस ने थलापति विजय की TVK को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। इसके बाद DMK और कांग्रेस के वर्षों पुराने गठबंधन में दरार साफ दिखाई देने लगी है।
कांग्रेस नेताओं ने DMK पर धर्मनिरपेक्ष राजनीति से समझौता करने का आरोप लगाया है। इससे तमिलनाडु की राजनीति और ज्यादा दिलचस्प हो गई है।
छोटे दलों की भूमिका हुई अहम
तमिलनाडु में अब CPI, CPI(M) और VCK जैसे छोटे दल किंगमेकर की भूमिका में आ गए हैं। यही दल तय कर सकते हैं कि राज्य में अगली सरकार किसकी बनेगी।
वामपंथी दलों ने इस मुद्दे पर बैठक बुलाई है और जल्द ही अपने अंतिम फैसले का ऐलान कर सकते हैं।
पलानीस्वामी का बड़ा दावा
AIADMK महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने दावा किया है कि अगली सरकार उनकी पार्टी ही बनाएगी। उन्होंने अपने विधायकों को पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में ठहराया है, जहां लगातार बैठकों का दौर जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अपने सहयोगियों के साथ मिलकर बहुमत जुटाने की कोशिश में लगी हुई है।
तमिलनाडु में बढ़ा राजनीतिक सस्पेंस
अगर DMK और AIADMK अपने सहयोगियों के साथ मिल जाते हैं तो उनके पास बहुमत से ज्यादा सीटें हो सकती हैं। वहीं भाजपा पर भी पर्दे के पीछे से राजनीतिक रणनीति बनाने के आरोप लग रहे हैं, हालांकि पार्टी ने इन दावों से इनकार किया है।
फिलहाल तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस बरकरार है और अब सबकी नजर DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन के अगले कदम पर टिकी हुई है।



