अन्ना हजारे के भूख हड़ताल की चेतावनी का असर: महाराष्ट्र सरकार ने रोके नए RTI नियम

Anjali Patil
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Sneha Menon
2 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Saanvi Pandey
2 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Krishna Yadav
4 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
महाराष्ट्र सरकार ने सूचना का अधिकार (RTI) नियमों में प्रस्तावित बदलावों को फिलहाल स्थगित कर दिया है। यह फैसला सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की भूख हड़ताल की चेतावनी और बढ़ते विरोध के बीच लिया गया।सरकार ने कहा है कि सभी संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
अन्ना हजारे के भूख हड़ताल की चेतावनी का दिखा असर
अन्ना हजारे ने नए नियमों का विरोध करते हुए कहा था कि इससे सूचना के अधिकार कानून की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए भूख हड़ताल की चेतावनी भी दी थी।सरकार के ताजा फैसले को उनके आंदोलन और जनदबाव का बड़ा असर माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद बदला फैसला
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्तक्षेप के बाद सरकार ने विवादित नियमों को लागू करने की प्रक्रिया रोक दी। अब इन नियमों की दोबारा समीक्षा की जाएगी।
सरकार का कहना है कि पारदर्शिता और जनहित को ध्यान में रखते हुए संशोधित प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
पुराने नियमों के तहत जारी रहेगी व्यवस्था
जब तक नई समीक्षा पूरी नहीं होती, तब तक RTI से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पहले की तरह पुराने नियमों के तहत ही संचालित होंगी।
इससे आम नागरिकों को सूचना प्राप्त करने की मौजूदा व्यवस्था में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा।
भूख हड़ताल पर अब अगली घोषणा का इंतजार
सरकार के फैसले के बाद अब सभी की नजर अन्ना हजारे के अगले कदम पर है। संभावना जताई जा रही है कि सरकार के निर्णय के बाद वे अपनी प्रस्तावित भूख हड़ताल पर नया फैसला ले सकते हैं।समर्थकों और सामाजिक संगठनों की भी नजर आगामी घोषणा पर बनी हुई है।
संवाद के जरिए समाधान की कोशिश
सरकार ने स्पष्ट किया है कि RTI कानून की मूल भावना से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में सामाजिक संगठनों, RTI कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों के साथ बैठक कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।फिलहाल विवादित नियमों पर रोक लगने से पूरे मामले में तत्काल टकराव टल गया है और अब समाधान संवाद के माध्यम से निकालने की कोशिश की जाएगी।








