Mohan Bhagwat Message: विजयादशमी पर मोहन भागवत ने नशे से दूर रहने की दी सलाह

Simran Arora
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Aarohi Chaudhary
5 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Kunal Rao
5 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Dev Kapoor
7 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Sneha Menon
7 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Simran Arora
9 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Pranav Srivastava
10 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
विजयादशमी पर मोहन भागवत ने नई पीढ़ी को दिया संदेश
महाराष्ट्र के नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विजयादशमी उत्सव के दौरान सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या और OTT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कंटेंट को लेकर चिंता जताई। शस्त्र पूजन के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए पूर्वजों ने जिस तपस्या और समर्पण का परिचय दिया, वर्तमान परिस्थितियों में उससे भी अधिक प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने नई पीढ़ी को सही और गलत के बीच अंतर समझने तथा जिम्मेदारी के साथ निर्णय लेने की सीख देने पर जोर दिया।
OTT कंटेंट को लेकर विवेकपूर्ण चयन की जरूरत
मोहन भागवत ने कहा कि विभिन्न माध्यमों से मिलने वाली सामग्री को कई बार लोग उचित-अनुचित का विचार किए बिना स्वीकार कर लेते हैं। उनके अनुसार, इसके व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि OTT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सामग्री को लेकर समाज में अनुशासन और नियमों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इस विषय पर शासन और प्रशासन को भी विचार करना चाहिए। उन्होंने नई पीढ़ी को केवल सामग्री देखने तक सीमित रहने के बजाय उसके प्रभाव और उपयुक्तता को समझने की सीख देने की बात कही।
नशीली दवाओं को बताया गंभीर राष्ट्रीय समस्या
RSS प्रमुख ने नशीली दवाओं की लत को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि इनके नुकसान के बावजूद लोग इसकी गिरफ्त में आ जाते हैं। उन्होंने इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार, समाज और अभिभावकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, नई पीढ़ी में सही आदतें विकसित करना और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से अभिभावकों से बच्चों के व्यवहार, संगति और आदतों पर ध्यान देने तथा समय रहते उचित मार्गदर्शन देने की अपील की।
विज्ञान और तकनीक के इस्तेमाल पर भी रखी बात
मोहन भागवत ने कहा कि विज्ञान और तकनीक लोगों के जीवन को सुविधाजनक बनाने के साथ ज्ञान और तर्क के आधार पर बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक अपने आप में एक साधन है और उसका उपयोग किस उद्देश्य से किया जाता है, यह महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, यदि विकास को केवल उपभोग और सुविधाओं तक सीमित कर दिया जाए, तो इसके प्रतिकूल परिणाम भी सामने आ सकते हैं। उन्होंने तकनीकी प्रगति के साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी को बनाए रखने पर जोर दिया।
कैप्टन स्मित मछार का किया उल्लेख
अपने संबोधन में भागवत ने कैप्टन स्मित मछार का उल्लेख करते हुए उन्हें समाज और दूसरों की सुरक्षा के लिए समर्पण की प्रेरणा से जोड़ा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज को संगठित और सक्षम बनाने के लिए काम करता है। उनके अनुसार, संगठित समाज की अवधारणा सद्भावना, सामाजिक एकता और सभी पंथों के सम्मान के विरुद्ध नहीं है। उन्होंने भारतीय समाज में पीढ़ी-दर-पीढ़ी चले आ रहे संस्कारों और दूसरों के संरक्षण के लिए आगे आने की भावना को महत्वपूर्ण बताया।
युवाओं के मार्गदर्शन में परिवार और समाज की भूमिका
भागवत के संबोधन में युवाओं के लिए सही मार्गदर्शन, तकनीक के जिम्मेदार इस्तेमाल और नशे से बचाव जैसे विषय प्रमुख रहे। उनके संदेश के अनुसार, परिवार, समाज और शासन को मिलकर ऐसी परिस्थितियां बनाने पर ध्यान देना चाहिए, जिनमें नई पीढ़ी जिम्मेदारी के साथ विकल्प चुन सके। OTT सामग्री और नशीली दवाओं से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने के साथ शिक्षा, संवाद और उचित मार्गदर्शन भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।
स्पेशल अपडेट
विजयादशमी उत्सव में मोहन भागवत ने सामाजिक एकता, संस्कारों और राष्ट्रीय जिम्मेदारी के साथ-साथ युवाओं के सामने मौजूद चुनौतियों पर ध्यान आकर्षित किया। OTT कंटेंट और नशे की समस्या पर उनके बयान ने अभिभावकों, समाज और सरकार की भूमिका को चर्चा के केंद्र में रखा। नशे की रोकथाम और डिजिटल सामग्री के जिम्मेदार उपयोग के लिए जागरूकता, शिक्षा और प्रभावी कदम महत्वपूर्ण माने जाते हैं।







