26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन: सरकार के आश्वासन पर खत्म हुआ वांगचुक का उपवास
Riya Jain
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Riya Jain
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Ada khan
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Monika Das
4 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Dhruv Bhatt
4 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Nidhi kumari
5 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Saanvi Pandey
5 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Priya Iyer
5 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Yash Kulkarni
5 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Pooja Reddy
5 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Aryan Malhotra
5 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Saanvi Pandey
6 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Taushif Shekh
6 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Kavya Mishra
7 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Ayaan Khan
7 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Diya Gupta
7 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Pooja Reddy
7 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने 23-24 जुलाई 2026 की दरमियानी रात अपना 26 दिनों से जारी अनशन समाप्त कर दिया। NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर वे लगातार भूख हड़ताल पर थे। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने सूप पीकर अपना उपवास समाप्त किया।
सरकार के आश्वासन के बाद लिया फैसला
सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन और ठोस भरोसा मिलने के बाद ही अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। उनके अनुसार सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि अब सरकार के वादों के क्रियान्वयन पर उनकी नजर बनी रहेगी।
छात्रों पर कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन
अनशन समाप्त करने की प्रमुख शर्तों में यह शामिल रहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और 20 जुलाई के 'संसद चलो' मार्च में शामिल युवाओं के खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। वांगचुक ने इसे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
पीड़ित परिवारों और शिक्षा सुधार पर जोर
सरकार की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया कि NEET विवाद से प्रभावित परिवारों के मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा। इसके अलावा देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए व्यापक सुधारों पर संसद के मौजूदा सत्र में विस्तृत चर्चा कराने का भरोसा भी दिया गया।
65 सांसदों ने भी किया था अनशन समाप्त करने का आग्रह
सोनम वांगचुक ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने उन्हें पत्र लिखकर और व्यक्तिगत रूप से मिलकर अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया था। उनका कहना था कि अब आंदोलन की भावना को लोकतांत्रिक संवाद और संसदीय प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
आगे भी जारी रहेगी शिक्षा सुधार की मुहिम
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने कहा कि यह आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, बल्कि अब इसका अगला चरण शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने देशभर के छात्रों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील की।








