Stray Dogs Released In Civic Office: अधिकारी की टेबल पर छोड़ दिए आवारा कुत्ते
Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Yash Kulkarni
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Pooja Reddy
26 मिनट पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Yash Kulkarni
9 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Anjali Patil
10 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Tanya Bajaj
10 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Ravi sinha
10 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Reyansh Joshi
13 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Ishaan Tiwari
14 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
महाराष्ट्र के नाशिक जिले के निफाड में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के पदाधिकारियों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। युवासेना जिलाप्रमुख विक्रम रंधवे के नेतृत्व में कार्यकर्ता निफाड नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है और इनके हमलों व काटने की घटनाओं से नागरिक परेशान हैं। इसी मुद्दे पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए कार्यकर्ता अपने साथ आवारा कुत्ते लेकर कार्यालय पहुंचे।
मुख्याधिकारी के दफ्तर में छोड़े कुत्ते
वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी बोरी में कुत्तों को लेकर नगर पंचायत कार्यालय में पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद विक्रम रंधवे और उनके साथियों ने मुख्याधिकारी धीरज भामरे के कार्यालय में कुत्तों को छोड़ दिया और उन्हें टेबल पर भी रखा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब नागरिकों की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही है तो प्रशासन को समस्या की गंभीरता सीधे दिखाने के लिए यह तरीका अपनाया गया। घटना के दौरान कार्यालय में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी।
नोटों की माला से जताया विरोध
प्रदर्शनकारियों ने मुख्याधिकारी धीरज भामरे को नोटों की माला पहनाने की भी कोशिश की। इस तरीके के जरिए उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तंज कसा। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर कई बार शिकायत और ज्ञापन दिए गए, लेकिन उन्हें अपेक्षित कार्रवाई नहीं दिखाई दी। प्रदर्शन का वीडियो सामने आने के बाद यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।
400 से ज्यादा कुत्तों का दावा
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि निफाड नगर पंचायत क्षेत्र में 400 से अधिक आवारा कुत्ते हैं और हर महीने 100 से ज्यादा लोग कुत्तों के काटने से प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि ये आंकड़े प्रदर्शनकारियों के दावे हैं, इन्हें स्वतंत्र आधिकारिक आंकड़े के रूप में स्थापित नहीं किया गया है। रंधवे ने बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए समस्या बढ़ने की बात कही। उन्होंने नसबंदी और कुत्तों को पकड़ने की प्रभावी व्यवस्था की मांग की।
नगर पंचायत ने बताई अपनी कार्रवाई
मुख्याधिकारी धीरज भामरे ने बताया कि नगर पंचायत की ओर से आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे पहले एक एजेंसी ने 73 कुत्तों की नसबंदी की थी, लेकिन उसका अनुबंध जून में समाप्त हो गया। नए एजेंसी चयन के लिए दो बार टेंडर में प्रतिक्रिया नहीं मिली और अब तीसरी बार टेंडर जारी किया गया है। नगर पंचायत की ओर से बड़े डॉग शेल्टर की योजना भी बताई गई है, जबकि फिलहाल 20 कुत्तों की क्षमता वाला अस्थायी शेल्टर मौजूद है।
प्रदर्शन के बाद पांच लोगों पर केस
प्रदर्शन के बाद निफाड पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक सार्वजनिक सेवक के सरकारी काम में बाधा डालने और पशुओं को इस तरह संभालने से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस पूरे मामले में आवारा कुत्तों की समस्या के साथ-साथ विरोध प्रदर्शन में पशुओं के इस्तेमाल के तरीके को लेकर भी चर्चा हो रही है।








