Neha Bora Peace Bond Row: नेहा बोरा ने पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से किया इनकार

Monika Das
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से इनकार
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने दिल्ली पुलिस की ओर से मांगे गए पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है। यह मामला 16 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। नेहा बोरा ने कहा है कि वह विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) के समक्ष पेश होकर उनके खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही को चुनौती देंगी। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को शांति भंग करने की आशंका से जोड़ने का आधार स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पीस बॉन्ड की शर्तों के जरिए प्रदर्शन करने और सरकार से सवाल पूछने के अधिकार को सीमित करने की कोशिश की जा रही है।
हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की, सामग्री देने का निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस के नोटिस को चुनौती देने वाली नेहा बोरा की याचिका खारिज कर दी। हालांकि, अदालत ने विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि कार्यवाही में उनके खिलाफ इस्तेमाल की जा रही सामग्री उन्हें उपलब्ध कराई जाए। नेहा बोरा के मुताबिक, वह इस निर्देश के आधार पर संबंधित दस्तावेज प्राप्त करने और SEM के सामने अपना पक्ष रखने की तैयारी कर रही हैं। उनका कहना है कि कार्यवाही में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन होना चाहिए और उन्हें अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से संबंधित सामग्री देखने का अवसर मिलना चाहिए।
16 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर उठाए सवाल
नेहा बोरा ने 16 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और इसे शांति भंग करने का मामला नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के लिए पुलिस की कार्रवाई जिम्मेदार थी। उन्होंने प्रदर्शन स्थल को लेकर पुलिस के दावे पर भी सवाल उठाए और कहा कि आयोजकों ने कनॉट प्लेस के बजाय मंडी हाउस में जुटने का आह्वान किया था। ये नेहा बोरा के अपने दावे हैं; प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
SEM के समक्ष आगे की कार्यवाही
रिपोर्ट के मुताबिक, नेहा बोरा को 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च में शामिल होने जाते समय एहतियातन हिरासत में लिया गया था और 17 अक्टूबर को रिहा कर दिया गया था। हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद अब वह SEM के समक्ष पेश होकर नोटिस और आगे की कार्यवाही को चुनौती देने की बात कह रही हैं। मामले में अगला चरण उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री और मजिस्ट्रेट के समक्ष रखे जाने वाले पक्ष पर निर्भर करेगा। फिलहाल, पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से इनकार और प्रदर्शन को लेकर नेहा बोरा की आपत्तियां इस विवाद के प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।








