पेट्रोल बचाने की अपील के बीच: BJP MLA प्रीतम लोधी का 300 गाड़ियों का काफिला वायरल
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
प्रधानमंत्री की ओर से पेट्रोल-डीजल बचाने और ईंधन की खपत कम करने की अपील के बीच Madhya Pradesh के Shivpuri से सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर नई बहस को जन्म दे दिया है। वायरल वीडियो में BJP विधायक Pritam Singh Lodhi कथित तौर पर करीब 300 गाड़ियों के बड़े काफिले के साथ नजर आ रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए कि जब आम जनता से ईंधन बचाने की अपील की जा रही है, तो इतने बड़े VIP काफिलों की जरूरत आखिर क्यों पड़ रही है।
करैरा के बगीचा सरकार मंदिर पहुंचे थे विधायक
जानकारी के मुताबिक पिछोर विधायक प्रीतम लोधी करैरा स्थित बगीचा सरकार मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में वाहनों का काफिला देखा गया। बताया जा रहा है कि यह काफिला राजनीतिक कार्यक्रम और समर्थकों की मौजूदगी के कारण काफी बड़ा दिखाई दिया।
हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला केवल स्थानीय चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे प्रदेश में राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया।
सोशल मीडिया पर VIP कल्चर को लेकर नाराजगी
सोशल मीडिया यूजर्स इस वायरल वीडियो को VIP कल्चर और राजनीतिक दोहरे मापदंड से जोड़कर देख रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि अगर देश में ईंधन बचत और संसाधनों के सही उपयोग की बात हो रही है, तो इसकी शुरुआत नेताओं और बड़े पदों पर बैठे लोगों से भी होनी चाहिए।
कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि आम जनता को पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और बचत के संदेश दिए जाते हैं, लेकिन नेताओं के बड़े काफिलों पर कोई नियंत्रण नजर नहीं आता।
समर्थकों ने दिया सुरक्षा और राजनीतिक कार्यक्रम का तर्क
वहीं विधायक के समर्थकों का कहना है कि बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों और सुरक्षा कारणों से कई बार भारी संख्या में वाहन मौजूद रहते हैं। उनका कहना है कि यह केवल विधायक का निजी काफिला नहीं था, बल्कि कार्यकर्ताओं और समर्थकों की गाड़ियां भी इसमें शामिल थीं।
समर्थकों के अनुसार ऐसे आयोजनों में भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई वाहनों का होना सामान्य बात है।
जनता के बीच बढ़ी जिम्मेदारी और संदेश की बहस
यह मामला अब सिर्फ एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीति, जिम्मेदारी और सार्वजनिक संदेशों की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
प्रधानमंत्री की ईंधन बचत अपील के बीच सामने आया यह वीडियो जनता के बीच इस बात को लेकर चर्चा का विषय बन गया है कि क्या नेताओं और आम लोगों के लिए अलग-अलग मानक अपनाए जा रहे हैं।







