चिकन नेक कॉरिडोर पर बड़ा फैसला: शुभेंदु सरकार ने केंद्र को सौंपी 120 एकड़ जमीन

शुभेंदु सरकार ने केंद्र को सौंपी 120 एकड़ जमीन
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Rohan Desai

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0 सेकंड पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

Vaishali shinde

Vaishali shinde

0 सेकंड पहले

Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

Saanvi Pandey

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0 सेकंड पहले

Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

Pranav Srivastava

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0 सेकंड पहले

Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

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पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari के नेतृत्व वाली नई भाजपा सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा और रणनीतिक फैसला लिया है। राज्य सरकार ने उत्तर बंगाल स्थित बेहद संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी ‘चिकन नेक’ क्षेत्र में करीब 120 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इस जमीन का इस्तेमाल सीमा सुरक्षा, फेंसिंग, सैन्य ढांचे और रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।

 

क्या है ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर और क्यों है इतना अहम?

सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के मुख्य भूभाग को पूर्वोत्तर के आठ राज्यों से जोड़ने वाला बेहद संकरा गलियारा है। इसकी चौड़ाई कई स्थानों पर महज 20 से 22 किलोमीटर तक रह जाती है। यह क्षेत्र नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमाओं से घिरा हुआ है, जबकि चीन सीमा भी यहां से ज्यादा दूर नहीं है। यही वजह है कि भारतीय रक्षा रणनीति में इस कॉरिडोर को देश की “लाइफलाइन” माना जाता है।

 

सीमा सुरक्षा और सेना की तैनाती होगी मजबूत

विशेषज्ञों का मानना है कि इस इलाके में जमीन उपलब्ध होने से बॉर्डर फेंसिंग, लॉजिस्टिक्स हब, सुरक्षा प्रतिष्ठान और सैन्य कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा सकेगा। इससे सीमावर्ती इलाकों में सेना की त्वरित तैनाती और आपूर्ति व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। सरकार अंडरग्राउंड रेल नेटवर्क और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर भी तेजी से काम करने की तैयारी में है ताकि आपात स्थिति में पूर्वोत्तर राज्यों का संपर्क देश से बना रहे।

 

 

 

BJP और टीएमसी के बीच फिर तेज हुई सियासत

भाजपा का आरोप है कि पूर्ववर्ती Mamata Banerjee सरकार ने लंबे समय तक केंद्र को जमीन देने में रुचि नहीं दिखाई, जिसके कारण सुरक्षा से जुड़े कई प्रोजेक्ट अटके रहे। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीतिक एजेंडा बताया है। विपक्ष का कहना है कि सुरक्षा के मुद्दे को सांप्रदायिक और वोटबैंक राजनीति से जोड़कर पेश किया जा रहा है।

 

शरजील इमाम का पुराना बयान फिर चर्चा में

इस पूरे विवाद के बीच 2020 दिल्ली दंगों के आरोपी Sharjeel Imam का पुराना बयान भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है। उस बयान में उन्होंने ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ था। भाजपा इस बयान को सुरक्षा चिंताओं से जोड़कर देख रही है।

 

बांग्लादेश सीमा पर बढ़ेगी फेंसिंग

भारत-बांग्लादेश सीमा की कुल लंबाई लगभग 4,097 किलोमीटर है, जिसमें से करीब 2,216 किलोमीटर सीमा पश्चिम बंगाल से लगती है। केंद्र सरकार के अनुसार अधिकांश सीमा पर फेंसिंग का काम पूरा हो चुका है, लेकिन कई संवेदनशील हिस्सों में अभी भी काम बाकी है। नई राज्य सरकार का दावा है कि अब सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ रोकने के लिए तेजी से कदम उठाए जाएंगे।

 

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए क्यों अहम माना जा रहा फैसला?

रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, चिकन नेक कॉरिडोर पर मजबूत नियंत्रण भारत की सामरिक क्षमता को कई गुना बढ़ा सकता है। चीन और बांग्लादेश से जुड़े भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच यह इलाका भारत की सुरक्षा नीति का अहम हिस्सा बना हुआ है। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार के बीच बढ़ता समन्वय राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

 

 

 

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Rohan Desai

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Saanvi Pandey

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