चारधाम यात्रा के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: 550 फर्जी अकाउंट्स पर पुलिस का एक्शन

Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के बीच साइबर ठगी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। हेलीकॉप्टर टिकट, होटल बुकिंग, VIP दर्शन और यात्रा रजिस्ट्रेशन के नाम पर श्रद्धालुओं को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस और साइबर एजेंसियों ने अब तक करीब 550 फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स, वेबसाइट्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की पहचान की है, जो लोगों को ठगने के लिए सक्रिय थे।
पुलिस और STF का बड़ा एक्शन
रुद्रप्रयाग की एसपी निहारिका तोमर ने बताया कि चारधाम यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवाओं का उपयोग करने वाले श्रद्धालु सबसे ज्यादा साइबर ठगों के निशाने पर हैं। पुलिस ने इस समस्या से निपटने के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग टीम बनाई है, जो लगातार फर्जी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रख रही है। अब तक करीब 55 ऑनलाइन माध्यमों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
सोशल मीडिया से लेकर बैंक खातों तक जांच
जांच में सामने आया है कि साइबर ठग फेसबुक पेज, इंस्टाग्राम अकाउंट, नकली वेबसाइट्स, व्हाट्सऐप नंबर और फर्जी बैंक खातों के जरिए लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। कई मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है और जांच लगातार जारी है।
बिहार के जिलों से संचालित हो रहे साइबर गिरोह
उत्तराखंड STF की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि केदारनाथ हेली सेवा और यात्रा बुकिंग के नाम पर सबसे ज्यादा साइबर ठगी बिहार के नवादा, पटना, गया और बिहारशरीफ जिलों से संचालित गिरोह कर रहे हैं। जांच एजेंसियों को सबसे ज्यादा फेक आईपी एड्रेस इन्हीं इलाकों से मिले हैं।
ऐसे फंसाते हैं साइबर अपराधी
पुलिस के अनुसार ठग सबसे पहले सोशल मीडिया और गूगल सर्च पर फर्जी विज्ञापन और नकली वेबसाइट्स बनाते हैं। ये वेबसाइट्स दिखने में बिल्कुल असली जैसी लगती हैं। इसके बाद श्रद्धालुओं को सस्ते पैकेज, VIP दर्शन और तुरंत हेलीकॉप्टर टिकट का लालच देकर ऑनलाइन पेमेंट करवाया जाता है। भुगतान होते ही ठग गायब हो जाते हैं।
मध्यप्रदेश और वैशाली पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
मध्यप्रदेश स्टेट साइबर पुलिस और वैशाली पुलिस ने श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अनजान लिंक, क्यूआर कोड या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें, क्योंकि इनके जरिए मोबाइल और बैंकिंग डेटा चोरी किया जा सकता है।
सुरक्षित बुकिंग के लिए पुलिस की जरूरी सलाह
हेलीकॉप्टर टिकट सिर्फ अधिकृत वेबसाइट से ही बुक करें,
सोशल मीडिया पर चल रहे सस्ते पैकेज और VIP दर्शन ऑफर्स से बचें,
गूगल पर दिखने वाली हर वेबसाइट भरोसेमंद नहीं होती,
पेमेंट से पहले वेबसाइट का URL और रिव्यू जरूर चेक करें,
किसी निजी मोबाइल नंबर या यूपीआई आईडी पर भुगतान न करें,
संदिग्ध लिंक, QR कोड और APK फाइल डाउनलोड करने से बचें |
यात्रियों के लिए जारी हुआ आधिकारिक व्हाट्सऐप नंबर
उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने यात्रियों की सहायता के लिए आधिकारिक व्हाट्सऐप नंबर +91-8394833833 जारी किया है। इस नंबर पर “Yatra” मैसेज भेजकर पंजीकरण और यात्रा से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि श्रद्धालु किसी भी ऑनलाइन ऑफर पर आंख बंद करके भरोसा न करें। यात्रा से जुड़ी हर बुकिंग केवल आधिकारिक पोर्टल और सत्यापित एजेंसियों के जरिए ही करें, ताकि साइबर ठगी से बचा जा सके।






