सिर्फ 12 गोल्ड मेडलिस्ट को मंच पर डिग्री: जयपुर HJU यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह बना हंगामे का मंच

 जयपुर HJU यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह बना हंगामे का मंच

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राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (HJU) का दूसरा दीक्षांत समारोह उस समय विवादों में घिर गया, जब छात्रों और उनके परिजनों का गुस्सा अचानक फूट पड़ा। जिस समारोह को जश्न और उपलब्धि का प्रतीक होना था, वह अव्यवस्था और विरोध का केंद्र बन गया।

सिर्फ गोल्ड मेडलिस्ट को मंच पर सम्मान, बाकी छात्रों में नाराजगी
समारोह के दौरान प्रशासन ने केवल 12 गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों को ही मंच पर बुलाकर डिग्री प्रदान की। जबकि सैकड़ों छात्र—जो वर्षों से अपनी डिग्री का इंतजार कर रहे थे—उन्हें मंच पर बुलाए बिना ही कार्यक्रम समाप्त करने की घोषणा कर दी गई। इस फैसले ने छात्रों और उनके परिजनों को गहरे स्तर पर आहत कर दिया।

‘HJU मुर्दाबाद’ के गूंजे नारे
घोषणा के बाद ऑडिटोरियम का माहौल अचानक गरमा गया। छात्रों और परिजनों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी, “HJU मुर्दाबाद” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा, कुलगुरु के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कार्यक्रम में मौजूद मुख्य अतिथियों को बीच में ही वापस जाना पड़ा।

छात्रा का बयान बना वायरल
घटना का सबसे चर्चित हिस्सा तब सामने आया जब एक छात्रा ने मंच पर ही डिप्टी सीएम Premchand Bairwa के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की।
उसने डिग्री लेते समय कहा: “बेइज्जती करके इज्जत देने का बहुत-बहुत शुक्रिया” इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों में आक्रोश को और बढ़ा रहा है।

परिजनों का फूटा गुस्सा
दूर-दराज से आए अभिभावकों ने भी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
“क्या हम सिर्फ बेइज्जती सहने के लिए आए थे?”
“सालों की मेहनत का यही इनाम मिला?”
परिजनों का कहना है कि यह आयोजन छात्रों की उपलब्धियों का सम्मान नहीं बल्कि अपमान बन गया।

विरोध के बाद बदला फैसला
बढ़ते विरोध और बिगड़ती स्थिति को देखते हुए प्रशासन को अपना फैसला बदलना पड़ा। मुख्य अतिथियों को वापस बुलाया गया, इसके बाद बाकी छात्रों को भी डिग्री वितरित की गई, हालांकि, तब तक समारोह का माहौल पूरी तरह बिगड़ चुका था।

प्रशासन पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं:
क्या आयोजन की उचित योजना नहीं बनाई गई थी?
छात्रों के सम्मान का ध्यान क्यों नहीं रखा गया?
क्या यह लापरवाही थी या प्रबंधन की विफलता?

सोशल मीडिया पर उबाल
घटना का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। यूजर्स प्रशासन की आलोचना करते हुए छात्रों के समर्थन में उतर आए हैं।

HJU का यह दीक्षांत समारोह एक उदाहरण बन गया है कि कैसे प्रशासनिक लापरवाही एक खुशी के अवसर को विरोध और आक्रोश में बदल सकती है। यह घटना शिक्षा संस्थानों के लिए एक चेतावनी भी है कि छात्रों के सम्मान और भावनाओं को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।