PM Matsya Sampada Yojana: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना: जनजातीय मत्स्य कृषकों को मिलेगा लाभ, 30 अक्टूबर तक करें आवेदन

Anika Rajput
0 सेकंड पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में जनजातीय मत्स्य कृषकों के लिए अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पात्र हितग्राहियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य मत्स्य पालन को बढ़ावा देना, जनजातीय परिवारों की आजीविका मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत पहाड़गढ़ विकासखंड के चयनित 18 गांवों के अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र मत्स्य कृषक इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
मत्स्य पालन से जुड़े कई कामों के लिए कर सकते हैं आवेदन
सहायक संचालक, मत्स्योद्योग राजेश कुमार शर्मा के अनुसार, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत मत्स्य पालन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत पात्र हितग्राही अपनी जरूरत और निर्धारित पात्रता के अनुसार अलग-अलग गतिविधियों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
योजना में बायोफ्लॉक पॉण्ड, स्वयं की भूमि पर तालाब निर्माण, पुनर्चक्रणीय जलीय कृषि प्रणाली (आरएएस), फीड मिल और हैचरी की स्थापना जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इसके अलावा आइस प्लांट, आइस बॉक्स, मोटरसाइकिल और इंसुलेटेड वाहन जैसी सुविधाओं के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
इन सुविधाओं का उद्देश्य मत्स्य पालन से जुड़े कामों को आसान बनाना, मछलियों के उत्पादन और रखरखाव की व्यवस्था बेहतर करना तथा मत्स्य कृषकों को अपनी आजीविका बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराना है। हालांकि, प्रत्येक गतिविधि के लिए लाभ और सहायता निर्धारित योजना के प्रावधानों तथा पात्रता के आधार पर मिलेगी।
पहाड़गढ़ के 18 चयनित गांवों के हितग्राही होंगे पात्र
यह योजना धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत पहाड़गढ़ विकासखंड के चयनित 18 गांवों के अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र मत्स्य कृषकों के लिए है। इच्छुक आवेदकों को आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता और संबंधित गतिविधि की शर्तों की जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए।
योजना के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन की संभावनाओं को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। मत्स्य पालन से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाकर हितग्राही अपनी आय बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं।
आवेदन के साथ कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी?
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक हितग्राहियों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा करना होगा। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज लगाना भी अनिवार्य है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों में शामिल हैं:
स्वयं की भूमि से संबंधित खसरा, खतौनी और नक्शा।
अनुसूचित जनजाति वर्ग का जाति प्रमाण-पत्र।
आधार कार्ड की छायाप्रति।
समग्र आईडी।
बैंक पासबुक की छायाप्रति।
पासपोर्ट आकार का फोटो।
आवेदकों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन जमा करने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। साथ ही, संबंधित गतिविधि के लिए आवश्यक अतिरिक्त दस्तावेजों और पात्रता की जानकारी भी मत्स्योद्योग कार्यालय से प्राप्त कर लें।
कहां जमा करना होगा आवेदन?
इच्छुक पात्र हितग्राहियों को अपना आवेदन निर्धारित प्रारूप में कार्यालय सहायक संचालक, मत्स्योद्योग, नवीन कलेक्ट्रेट, जिला मुरैना में जमा करना होगा।
आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 है। इसलिए पात्र मत्स्य कृषकों को समय-सीमा का ध्यान रखते हुए निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत करना चाहिए
योजना की जानकारी के लिए यहां करें संपर्क
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और विभिन्न गतिविधियों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए हितग्राही नवीन कलेक्ट्रेट, मुरैना स्थित कार्यालय सहायक संचालक, मत्स्योद्योग में संपर्क कर सकते हैं।
इसके अलावा मोबाइल नंबर 9584694170 पर संपर्क करके भी योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
जिला प्रशासन की ओर से पहाड़गढ़ विकासखंड के चयनित 18 गांवों के अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र मत्स्य कृषकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करें और योजना के माध्यम से मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर प्राप्त करें।







