फर्रुखाबाद में गैस सिलेंडर की लाइन बनी मौत का कारण: धूप में घंटों खड़े बुजुर्ग ने तोड़ा दम
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उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने गैस सिलेंडर की किल्लत और प्रशासनिक दावों की हकीकत को उजागर कर दिया है। गैस एजेंसी के बाहर लंबी कतार में खड़े एक बुजुर्ग की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। यह घटना न सिर्फ सिस्टम की खामियों को दिखाती है, बल्कि आम जनता की बढ़ती परेशानियों की भी दर्दनाक तस्वीर पेश करती है।
घटना का पूरा विवरण
शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे फर्रुखाबाद के लालसराय स्थित एक गैस एजेंसी पर 65 वर्षीय मो. मुख्तियार अंसारी सिलेंडर बुक कराने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वह चबूतरे पर खड़े होकर कतार में लगे थे, तभी अचानक चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें उठाया और पास के मैदान में ले जाकर सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) देकर जान बचाने की कोशिश की। लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद जब उन्हें होश नहीं आया, तो उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप: लाइन में लगने से पड़ा हार्ट अटैक
परिजनों का कहना है कि मुख्तियार अंसारी पहले से हृदय रोग से पीड़ित थे और उनका इलाज कानपुर के हृदय संस्थान में चल रहा था। गैस खत्म होने के कारण वे खुद लाइन में लगने पहुंचे थे, जहां अधिक देर तक खड़े रहने और गर्मी के कारण उन्हें हार्ट अटैक आया। परिवार में उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। पीछे बेटा शहनवाज, मुदस्सिर और बेटियां शबनम, तरन्नुम, रूबी, गुलनाज और राजदा हैं।
गैस एजेंसी का बयान
गैस एजेंसी के प्रबंधक ने इस घटना से साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि यदि एजेंसी के सामने ऐसी कोई घटना हुई होती तो उन्हें जरूर जानकारी होती। उन्होंने दावा किया कि किसी ने भी इस संबंध में उन्हें सूचित नहीं किया।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि:
गैस सिलेंडर के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है,
बुजुर्ग और बीमार लोगों के लिए कोई अलग व्यवस्था नहीं है,
प्रशासन केवल कागजों में व्यवस्था ठीक होने का दावा कर रहा है,
लोगों ने मांग की है कि पुरानी वितरण प्रणाली को फिर से लागू किया जाए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
देशभर में बढ़ती गैस किल्लत की चिंता
फर्रुखाबाद की यह घटना कोई अकेली नहीं है। हाल ही में पंजाब के बरनाला में भी गैस सिलेंडर की लाइन में लगे 66 वर्षीय व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इन घटनाओं ने पूरे देश में गैस आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन के दावे बनाम जमीनी हकीकत
जहां एक ओर प्रशासन गैस आपूर्ति को सामान्य बता रहा है, वहीं जमीनी स्तर पर सामने आ रही घटनाएं इसके विपरीत तस्वीर पेश कर रही हैं। लंबी कतारें, घंटों इंतजार और लोगों की बिगड़ती हालत यह साफ दिखाती है कि समस्या गंभीर है।
फर्रुखाबाद की यह घटना सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता का प्रतीक बन चुकी है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन अब भी इसे नजरअंदाज करेगा या आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेकर ठोस कदम उठाएगा?




