Saudi Arabia से लौटे 78 मजदूरों के साथ बड़ा धोखा: Airport पर टूटे मिले बैग

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विदेश में वर्षों तक मेहनत करने के बाद जब कोई अपने घर लौटता है, तो उसके मन में परिवार से मिलने की खुशी और बेहतर भविष्य के सपने होते हैं। लेकिन Saudi Arabia से लौटे 78 बांग्लादेशी मजदूरों के साथ जो हुआ, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
Ethiopian Airlines के जरिए अपने वतन लौटे ये मजदूर जैसे ही Hazrat Shahjalal International Airport पहुंचे, उनकी खुशी कुछ ही मिनटों में मातम में बदल गई। एयरपोर्ट पर बैग खोलते ही उनके होश उड़ गए। कई बैग्स के ताले टूटे हुए थे और अंदर रखा कीमती सामान गायब था। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, निजी दस्तावेज और वर्षों की मेहनत से खरीदी गई चीजें चोरी हो चुकी थीं। फर्श पर बिखरे खाली बैग और रोते-बिलखते मजदूरों की तस्वीरें इस घटना की गंभीरता को साफ बयान कर रही थीं।

 

टूटे ताले और खाली बैग देखकर फूट-फूटकर रोए मजदूर
इन मजदूरों ने विदेश में रहकर कठिन परिस्थितियों में काम किया था। कई लोगों ने अपनी जरूरतें काटकर परिवार के लिए सामान खरीदा था। लेकिन जब उन्होंने देखा कि उनके बैग्स से सामान गायब है, तो वे खुद को संभाल नहीं पाए।
कुछ मजदूरों ने बताया कि उनके महंगे मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी हो गए, जबकि कई के निजी सामान भी गायब मिले। कई लोग एयरपोर्ट पर ही रोते हुए नजर आए। उनका कहना था कि वे अपने परिवार के लिए खुशियां लेकर लौट रहे थे, लेकिन अब उनके हाथ सिर्फ निराशा लगी है।

 

Ethiopian Airlines पर उठे सवाल
घटना के बाद मजदूरों ने Ethiopian Airlines को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि यात्रा के दौरान सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी एयरलाइन की होती है। मजदूरों का आरोप है कि अगर हाई-सिक्योरिटी व्यवस्था के बीच भी सामान सुरक्षित नहीं रह सकता, तो यात्रियों का भरोसा कैसे कायम रहेगा? इस घटना ने एयरपोर्ट प्रशासन और एयरलाइन दोनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

Airport Security व्यवस्था पर बड़ा सवाल
Hazrat Shahjalal International Airport जैसे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर बैग्स के ताले कैसे टूटे और किसी को इसकी भनक तक कैसे नहीं लगी? यात्रियों का कहना है कि अगर एयरपोर्ट और एयरलाइन प्रशासन समय रहते सख्ती बरतता, तो शायद मजदूरों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सकती थी।

 

बेहतर जिंदगी की तलाश और लौटते वक्त दर्दनाक अनुभव
विदेशों में काम करने वाले मजदूर अपने परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। वे उम्मीद करते हैं कि घर लौटते समय उनके साथ सम्मान और सुरक्षा का व्यवहार होगा। लेकिन इस घटना ने उन सभी उम्मीदों को गहरा झटका दिया है। अब पीड़ित मजदूर इंसाफ की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और जिनका सामान चोरी हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए।

 

क्या मिलेगा मजदूरों को इंसाफ?
यह घटना सिर्फ चोरी का मामला नहीं है, बल्कि उन मेहनतकश लोगों के भरोसे और भावनाओं से जुड़ा मुद्दा भी है, जो अपना घर छोड़कर विदेशों में काम करने जाते हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या प्रशासन और एयरलाइन इस मामले में जिम्मेदारी स्वीकार करेंगे या फिर ये मजदूर इंसाफ के इंतजार में ही रह जाएंगे।

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