दिघलबैंक में 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ,: "समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संदेश"

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दिघलबैंक (बिहार): शांतिकुंज हरिद्वार के नेतृत्व में आज दिघलबैंक में भव्य 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। सुबह से ही पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और आध्यात्मिकता की लहर दौड़ पड़ी। महिला श्रद्धालुओं की विशाल कलश यात्रा ने पूरे वातावरण को भक्ति-ऊर्जा से भर दिया, जिसमें सैकड़ों महिलाएँ पारंपरिक वेशभूषा में कलश लेकर तरह-तरह के मंत्रों का उच्चारण करती आगे बढ़ीं।
यज्ञ स्थल पर वेदमंत्रों की ध्वनि, हवन की सुगंध और साधकों की उपस्थिति ने पूरा वातावरण दिव्यता से भर दिया। गायत्री परिवार के प्रबुद्ध वक्ताओं ने गायत्री मंत्र के महत्व, आत्म-सुधार, सद्भावना और समाज में आध्यात्मिक जागरण पर प्रेरणादायक प्रवचन दिए।
गायत्री महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज सुधार का संदेश भी देता है। शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधियों ने यज्ञ के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया कि—
अपने जीवन में सदाचार, सत्य और नैतिक मूल्यों को शामिल करें
परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को अपनाएँ
शिक्षा, संस्कार और सेवा को जीवन का मुख्य आधार बनाएं
महायज्ञ के आयोजकों ने बताया कि 24 कुंडीय यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का उत्सव है बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा, नैतिकता और मानसिक शांति फैलाने का एक संकल्प है। स्थानीय लोगों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
महिलाओं, युवाओं और बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने पूरे कार्यक्रम को और भी विशेष बनाया। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसा आध्यात्मिक आयोजन पूरे क्षेत्र को एकता, सामूहिकता और सद्भाव की दिशा में प्रेरित करता है।
आने वाले दिनों में विभिन्न आध्यात्मिक सत्र, प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और दीपयज्ञ भी आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालु इसे “आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का दुर्लभ अनुभव” बता रहे हैं।








