विराट-अनुष्का की आस्था यात्रा: इस साल तीसरी और अब तक चौथी मुलाकात

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क्रिकेट जगत के सुपरस्टार विराट कोहली और बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री अनुष्का शर्मा एक बार फिर अपनी गहरी आध्यात्मिक आस्था को लेकर सुर्खियों में हैं। मंगलवार को यह प्रसिद्ध दंपती उत्तर प्रदेश की पावन नगरी वृंदावन पहुंचा, जहां उन्होंने केली कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए। यह मुलाकात न सिर्फ इस साल की उनकी तीसरी भेंट रही, बल्कि कुल मिलाकर अब तक की चौथी आध्यात्मिक मुलाकात मानी जा रही है।
विराट और अनुष्का की संत प्रेमानंद महाराज से पहली मुलाकात 4 जनवरी 2023 को हुई थी। तभी से यह जोड़ी समय-समय पर आश्रम पहुंचकर संत के सान्निध्य में आध्यात्मिक शांति और मार्गदर्शन प्राप्त करती रही है। चाहे क्रिकेट के मैदान का दबाव हो या फिल्मी दुनिया की चकाचौंध, दोनों अक्सर यह स्वीकार करते रहे हैं कि अध्यात्म ने उनके जीवन को संतुलन और सकारात्मक दिशा दी है।
इस बार की मुलाकात के दौरान भी विराट और अनुष्का बेहद सहज, शांत और भावुक नजर आए। कैमरों से दूर, साधारण वस्त्रों में, दोनों ने पूरे मनोयोग से संत के चरणों में समय बिताया। आश्रम का वातावरण भक्ति, प्रेम और शांति से भरा हुआ था, जहां कुछ पल के लिए दुनिया की भागदौड़ थम सी गई।
मुलाकात के दौरान अनुष्का शर्मा ने प्रेमानंद महाराज से भावुक होकर कहा—
“हम आपके हैं और आप हमारे।”
अनुष्का के इन शब्दों में श्रद्धा, समर्पण और आत्मीय जुड़ाव साफ झलक रहा था। इसके जवाब में प्रेमानंद महाराज ने हमेशा की तरह मुस्कुराते हुए बेहद सरल लेकिन गहरे अर्थ वाला आशीर्वाद दिया—
“मस्त रहिए।”
महाराज जी का यह छोटा सा वाक्य आज की तनावभरी जिंदगी में एक बड़ा संदेश देता है। इसका अर्थ सिर्फ खुश रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन को सहजता, स्वीकार्यता और सकारात्मक सोच के साथ जीने की प्रेरणा देता है। यही कारण है कि उनकी बातें आम लोगों से लेकर बड़े सेलिब्रिटीज़ तक, सभी के दिल को छू जाती हैं।
प्रेमानंद महाराज की शिक्षाओं की खासियत यही है कि वे जटिल आध्यात्मिक सिद्धांतों को भी बेहद सरल भाषा में समझाते हैं। वे राधा-कृष्ण भक्ति, आत्म-बोध और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। सोशल मीडिया पर उनके सत्संग और प्रवचनों के वीडियो लाखों लोग देखते हैं, जिससे उनकी लोकप्रियता देश-विदेश तक फैली हुई है।
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की यह बार-बार की मुलाकातें इस बात का प्रमाण हैं कि सफलता, नाम और शोहरत के बावजूद, आंतरिक शांति और आत्मिक संतुलन की तलाश हर इंसान को आध्यात्मिक मार्ग की ओर ले जाती है। यह मुलाकात न सिर्फ उनकी निजी आस्था को दर्शाती है, बल्कि लाखों प्रशंसकों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश छोड़ती है—कि सच्ची खुशी बाहर नहीं, भीतर की शांति में छिपी होती है।








