Hanuman Temple Ujjain: उज्जैन के खड़े हनुमानजी को हटाना प्रशासन के लिए बनी चुनौती

उज्जैन के खड़े हनुमानजी को हटाना प्रशासन के लिए बनी चुनौती
प्रतिक्रियाएँ
Nisha Shah

Nisha Shah

11 घंटे पहले

Yeh toh planets ki chaal ka hi asar hai!

Aarohi Chaudhary

Aarohi Chaudhary

14 घंटे पहले

Dharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

16 घंटे पहले

Ishwar ki leela ko koi nahi samjha sakta.

Diya Gupta

Diya Gupta

18 घंटे पहले

Dharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.

Riya Jain

Riya Jain

19 घंटे पहले

Spirituality hi asli shakti hai is duniya mein.

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

19 घंटे पहले

Graha nakshatra sab kuch pehle se bata dete hain.

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मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर में सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। इस परियोजना की जद में सती गेट पर स्थित प्रसिद्ध खड़े हनुमानजी का मंदिर भी आया है।

 

मंदिर का ढांचा हटाया, लेकिन प्रतिमा नहीं हिली
सड़क चौड़ीकरण के लिए नगर निगम की टीम ने 4-5 सितंबर को मंदिर के ढांचे को हटाने की कार्रवाई की। इसके बाद करीब 8 फुट ऊंची हनुमानजी की प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह शिफ्ट करने का प्रयास किया गया। बताया जा रहा है कि चार दिनों में चार बार कोशिश के बावजूद प्रतिमा अपने स्थान से नहीं हिली।

 

हाइड्रोलिक मशीन से भी नहीं मिली सफलता
प्रतिमा को हटाने के लिए हाइड्रोलिक मशीन का भी इस्तेमाल किया गया, लेकिन प्रयास सफल नहीं हुआ। इसके बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रतिमा को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित करने की है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रतिमा की वास्तविक नींव जमीन के भीतर कितनी गहरी है, इसका अभी स्पष्ट पता नहीं है।

 

जमीन के नीचे छिपी है प्रतिमा की असली नींव
बताया जा रहा है कि नगर निगम के विशेषज्ञों ने प्रतिमा के आसपास खुदाई कर इसकी नींव का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन इससे पर्याप्त जानकारी नहीं मिल सकी। आशंका है कि प्रतिमा किसी बड़े पत्थर को तराशकर बनाई गई हो सकती है। ऐसे में सीधे खींचने या उठाने की कोशिश से इसके क्षतिग्रस्त होने का खतरा है।

 

पुरातत्व विभाग की भी हुई एंट्री
मामला सामने आने के बाद अब पुरातत्व विशेषज्ञ भी प्रतिमा की उम्र और ऐतिहासिक महत्व की जांच कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर मंदिर को करीब 170 साल पुराना यानी 1857 के दौर का बताया जाता है। वहीं कुछ दावों में प्रतिमा का संबंध परमार वंश और राजा भोज के काल से जोड़ते हुए इसे करीब 1000 साल पुराना बताया जा रहा है। हालांकि, यह दावा अभी आधिकारिक रूप से प्रमाणित नहीं हुआ है।

 

फिलहाल कैनोपी के नीचे सुरक्षित है प्रतिमा
मंदिर का ढांचा हटाए जाने के बाद प्रतिमा को सुरक्षित रखने के लिए उसके ऊपर कैनोपी टेंट लगाया गया है। फिलहाल खड़े हनुमानजी की प्रतिमा अपने मूल स्थान पर ही मौजूद है। प्रशासन अब प्रतिमा की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आगे की प्रक्रिया तय करने की तैयारी में है।

 

ग्राउंड स्कैनिंग से खोजी जाएगी नींव
प्रतिमा की वास्तविक संरचना और जमीन के नीचे मौजूद नींव का पता लगाने के लिए ग्राउंड स्कैनिंग तकनीक का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। जांच के बाद ही यह तय किया जाएगा कि प्रतिमा को किस तकनीकी तरीके से और किस स्थान पर सुरक्षित रूप से शिफ्ट किया जा सकता है।

 

भक्तों में आस्था, सोशल मीडिया पर 'चमत्कार' की चर्चा
प्रतिमा के नहीं हिलने के बाद श्रद्धालुओं के बीच इसे लेकर गहरी आस्था देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर कई लोग इसे भगवान की इच्छा और चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ और भजन-कीर्तन का दौर भी देखने को मिल रहा है।
हालांकि, विशेषज्ञों के नजरिए से यह मामला फिलहाल तकनीकी और पुरातात्विक चुनौती का है। प्रतिमा के ऐतिहासिक महत्व और संरचना की आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही इसके बारे में स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

 

हिंदू संगठनों ने सुरक्षा की गारंटी मांगी
प्रतिमा को शिफ्ट करने की कार्रवाई को लेकर हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि प्रतिमा को हटाने से पहले उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। संगठनों ने प्रशासन से प्रतिमा को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचने देने की लिखित गारंटी की मांग की है।
सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं, लेकिन सती गेट के खड़े हनुमानजी की प्रतिमा का मामला अब विकास, विरासत और आस्था—तीनों के बीच संतुलन की चुनौती बन गया है।

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Nisha Shah

Nisha Shah

11 घंटे पहले

Yeh toh planets ki chaal ka hi asar hai!

Aarohi Chaudhary

Aarohi Chaudhary

14 घंटे पहले

Dharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

16 घंटे पहले

Ishwar ki leela ko koi nahi samjha sakta.

Diya Gupta

Diya Gupta

18 घंटे पहले

Dharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.

Riya Jain

Riya Jain

19 घंटे पहले

Spirituality hi asli shakti hai is duniya mein.

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

19 घंटे पहले

Graha nakshatra sab kuch pehle se bata dete hain.

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