कॉमनवेल्थ में भारत का गोल्डन पंच: ग्लासगो में भारतीय मुक्केबाजों का ऐतिहासिक प्रदर्शन

Anika Rajput
0 सेकंड पहलेBahut badhiya khela, next match ka intezaar hai!
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेBahut badhiya khela, next match ka intezaar hai!
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेYeh result unexpected tha lekin great effort!
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेYeh result unexpected tha lekin great effort!
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेBahut badhiya khela, next match ka intezaar hai!
Sonu rai
0 सेकंड पहलेIs performance par poore desh ko garv hai.
Aditya Verma
0 सेकंड पहलेPoori team ko dil se congratulations!
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की बॉक्सिंग स्पर्धा में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। भारतीय टीम ने कुल 10 पदक अपने नाम किए, जिनमें 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक शामिल हैं। यह राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ बॉक्सिंग प्रदर्शन माना जा रहा है।
96 वर्षों के इतिहास में बना नया रिकॉर्ड
भारतीय बॉक्सिंग टीम ने इस उपलब्धि के साथ राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित किया। किसी भी देश द्वारा एक ही संस्करण में 7 स्वर्ण पदक जीतने का यह रिकॉर्ड पहली बार बना है। इससे पहले एक संस्करण में सबसे अधिक 6 स्वर्ण पदक जीतने का रिकॉर्ड दर्ज था। भारत ने अपना ही 2018 गोल्ड कोस्ट खेलों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी पीछे छोड़ दिया।
महिला मुक्केबाजों ने दिखाया दम
भारत की महिला मुक्केबाजों ने इस सफलता में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। प्रीति पवार, जैस्मीन लम्बोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। सात में से पांच गोल्ड महिलाओं के खाते में जाना भारतीय महिला मुक्केबाजी की बढ़ती ताकत का बड़ा प्रमाण माना जा रहा है।
पुरुष वर्ग में भी शानदार जीत
पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दो स्वर्ण पदक जीते। वहीं जादुमणि सिंह और नरेंद्र बेरवाल ने रजत पदक हासिल किए। अनुभवी मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने भी फाइनल तक पहुंचकर भारत की झोली में एक महत्वपूर्ण रजत पदक जोड़ा।
पदक तालिका में भारत की बड़ी छलांग
भारतीय मुक्केबाजों के शानदार प्रदर्शन का असर समग्र पदक तालिका पर भी देखने को मिला। बॉक्सिंग में मिले 10 पदकों की बदौलत भारत ने मेजबान स्कॉटलैंड को पीछे छोड़ते हुए चौथा स्थान हासिल कर लिया। भारत के सभी मुक्केबाज जिन्होंने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी, वे सभी फाइनल तक पहुंचे और देश के लिए पदक सुनिश्चित किया।
पूरे देश में जश्न का माहौल
भारतीय बॉक्सिंग टीम की इस ऐतिहासिक सफलता पर देशभर में खुशी की लहर है। खेल प्रेमियों और पूर्व खिलाड़ियों ने इसे भारतीय मुक्केबाजी के स्वर्णिम दौर की शुरुआत बताया। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित कई नेताओं ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि देश के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने की नई प्रेरणा देगी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती खेल शक्ति का प्रतीक है।






