विनेश फोगाट बनाम WFI: गोंडा कुश्ती टूर्नामेंट में छिड़ा बड़ा विवाद

Diya Gupta
0 सेकंड पहलेPoori team ko dil se congratulations!
Riya Jain
0 सेकंड पहलेHamare khiladi ne kamaal kar diya, garv hai!
उत्तर प्रदेश के गोंडा स्थित नंदिनी नगर स्टेडियम में चल रहे नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट के दौरान भारतीय महिला पहलवान Vinesh Phogat और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के बीच विवाद ने बड़ा रूप ले लिया है। टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पहुंचीं विनेश फोगाट ने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर प्रतियोगिता से बाहर रखने की कोशिश की जा रही है।
विनेश ने कहा कि उन्होंने संन्यास से वापसी के लिए जरूरी सभी नियम और औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। उन्होंने दावा किया कि WFI द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब भी दे दिया गया है, इसके बावजूद उन्हें खेलने की अनुमति नहीं दी जा रही।
“2024 में ही वापसी की इच्छा जता दी थी”
मीडिया से बातचीत में विनेश फोगाट ने कहा कि उन्होंने दिसंबर 2024 में ही कुश्ती में वापसी की इच्छा जाहिर कर दी थी। बावजूद इसके, उन्हें प्रतियोगिता शुरू होने से ठीक पहले नोटिस थमा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर महासंघ को आपत्ति थी तो छह महीने पहले नोटिस क्यों नहीं दिया गया। विनेश ने कहा कि सप्ताहांत होने के कारण उन्हें कानूनी सलाह लेने का भी पर्याप्त समय नहीं मिल सका।
“बृजभूषण शरण सिंह के इशारे पर हो रही कार्रवाई”
विनेश फोगाट ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व WFI अध्यक्ष Brij Bhushan Sharan Singh के इशारे पर उन्हें कुश्ती से दूर रखने की कोशिश हो रही है। उन्होंने दावा किया कि वह डोप टेस्ट देकर पूरी तरह क्लीन तरीके से प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आई थीं, लेकिन पहले से उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है।
विनेश ने यह भी कहा कि उन्होंने जून 2024 में यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) को वापसी की जानकारी दे दी थी और सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं। ऐसे में उन्हें जून 2026 तक अयोग्य घोषित करना अनुचित है।
WFI अध्यक्ष संजय सिंह का जवाब
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए WFI अध्यक्ष Sanjay Singh ने साफ कहा कि महासंघ नियमों के खिलाफ जाकर किसी खिलाड़ी को अनुमति नहीं दे सकता। संजय सिंह के अनुसार, विनेश को नियमों के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उन्होंने कहा कि विनेश का स्वागत है, लेकिन बिना जवाब और जांच प्रक्रिया पूरी किए उन्हें मैट पर उतरने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
साक्षी मलिक ने किया समर्थन
ओलंपिक कांस्य पदक विजेता Sakshi Malik भी इस विवाद में विनेश फोगाट के समर्थन में सामने आई हैं। साक्षी मलिक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि दुनिया के कई देशों में महिला खिलाड़ियों को मां बनने के बाद खेल में वापसी के लिए नियमों में राहत दी जाती है, लेकिन भारत में विनेश की वापसी रोकने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi, खेल मंत्री Mansukh Mandaviya और WFI से अपील की कि विनेश का ट्रायल कराया जाए ताकि वह देश के लिए दोबारा पदक जीत सकें।
एंटी-डोपिंग नियमों को लेकर विवाद
WFI का कहना है कि एंटी-डोपिंग नियमों के तहत संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों को छह महीने का नोटिस पीरियड पूरा करना अनिवार्य होता है।
हालांकि, विनेश फोगाट का दावा है कि उन्होंने इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) के साथ पूरा सहयोग किया है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप वाडा कोड 2021 के तहत उल्लंघन की श्रेणी में नहीं आते। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 ट्रायल के दौरान अलग-अलग भार वर्गों में खेलने पर किसी स्तर पर आपत्ति नहीं जताई गई थी।
गोंडा पहुंचीं लेकिन नहीं मिला खेलने का मौका
विनेश फोगाट सोमवार को गोंडा के नंदिनी नगर स्टेडियम पहुंचीं, लेकिन उन्हें ट्रेनिंग हॉल तक इस्तेमाल नहीं करने दिया गया। बाद में उन्होंने WFI अधिकारियों से मुलाकात कर खेलने की अनुमति मांगी, मगर अनुमति नहीं मिली। मीडिया से बातचीत में भावुक दिखीं विनेश ने कहा कि वह “जान हथेली पर रखकर” सिर्फ कुश्ती खेलने आई हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है ताकि वह खुद हार मान लें।
राजनीति और खेल के बीच बढ़ती बहस
2024 पेरिस ओलंपिक में वजन सीमा से 100 ग्राम अधिक पाए जाने के बाद अयोग्य घोषित होने पर विनेश फोगाट ने कुश्ती से संन्यास की घोषणा की थी। बाद में उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और हरियाणा के जुलाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुनी गईं। अब उनकी वापसी को लेकर जारी विवाद ने खेल, राजनीति और महिला खिलाड़ियों के अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।







