जस्टिस डीडी बंसल ने पेश की मिसाल: लग्जरी कार छोड़ साइकिल से पहुंचे हाई कोर्ट
Diya Gupta
7 घंटे पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Aarohi Chaudhary
7 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Ada khan
7 घंटे पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Tanya Bajaj
11 घंटे पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
Aditya Verma
13 घंटे पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
Reyansh Joshi
14 घंटे पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक अलग और प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली, जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस द्वारकाधीश बंसल उर्फ डीडी बंसल अपनी लग्जरी कार छोड़ साइकिल से कोर्ट पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्यूल बचत की अपील का असर अब आम जनता के साथ-साथ उच्च पदों पर बैठे लोगों में भी दिखाई देने लगा है। जस्टिस बंसल ने साइकिल चलाकर न केवल पेट्रोल-डीजल बचाने का संदेश दिया बल्कि समाज को सादगी और जिम्मेदारी का भी उदाहरण पेश किया।
3 किलोमीटर तक साइकिल चलाकर पहुंचे हाई कोर्ट
जस्टिस डीडी बंसल ने सिविल लाइंस स्थित पचपेढ़ी के सरकारी आवास से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट तक लगभग 3 किलोमीटर का सफर साइकिल से तय किया। जबलपुर की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर उन्हें साइकिल चलाते देख लोग हैरान रह गए। उनके साथ सुरक्षाकर्मी और कोर्ट कर्मचारी भी साइकिल पर नजर आए। कर्मचारी बैग, टिफिन और जरूरी सामान लेकर उनके साथ चल रहे थे।
“देशहित में साइकिल चलाना जरूरी”
जस्टिस बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करने की अपील की है और उसी से प्रेरित होकर उन्होंने यह कदम उठाया। उन्होंने कहा, “जहां तक संभव हो, सभी लोगों को साइकिल चलाकर तेल की बचत करनी चाहिए। हाई कोर्ट जज होकर साइकिल से नहीं जा सकते, ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है।”
चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा से मिली प्रेरणा
जस्टिस डीडी बंसल ने बताया कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की प्रेरणा से उन्होंने साइकिलिंग को अपनाया। उन्होंने कहा कि वे रोज सुबह डुमना रोड पर साइकिलिंग करते हैं और पहले भी कई बार शहर में साइकिल चला चुके हैं। बचपन में भी वे साइकिल से स्कूल जाया करते थे।
गर्मी के बावजूद नहीं हुई परेशानी
तेज गर्मी के बीच साइकिल चलाने को लेकर जस्टिस बंसल ने कहा कि उन्हें किसी तरह की असुविधा महसूस नहीं हुई। उन्होंने कहा कि थोड़ी परेशानी जरूर होती है, लेकिन साइकिलिंग स्वास्थ्य और देशहित दोनों के लिए अच्छी है।
पीएम मोदी ने क्या की थी अपील?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से अपील की थी कि वे पेट्रोल और डीजल की खपत कम करें। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक परिवहन, मेट्रो, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही थी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया था कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है, लेकिन वैश्विक तेल संकट और पश्चिम एशिया की परिस्थितियों को देखते हुए ऊर्जा बचत जरूरी है।
अधिकारियों और नेताओं के लिए भी संदेश
जस्टिस डीडी बंसल का यह कदम अब चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का मानना है कि यदि बड़े पदों पर बैठे अधिकारी और नेता भी इसी तरह सादगी अपनाएं, तो ईंधन बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।




