PM Modi chips to ships vision: AI और मैन्युफैक्चरिंग पर PM मोदी का बड़ा फोकस

Krishna Yadav
1 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Vivaan Gupta
2 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Kabir Shukla
10 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Aditya Verma
11 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Payal jadon
11 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Krishna Yadav
15 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Vaishali shinde
15 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Krishna Yadav
16 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Diya Gupta
17 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
वडोदरा में ‘NaMo for Viksit Bharat’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की बदलती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को रेखांकित करते हुए कहा कि देश ‘चिप्स से लेकर जहाजों तक’ नई विनिर्माण व्यवस्था तैयार कर रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, मोदी ने कहा कि भारत देश में ही संपूर्ण वैल्यू चेन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनका यह बयान सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, भारी उद्योग और जहाज निर्माण जैसे अलग-अलग क्षेत्रों को एक व्यापक मैन्युफैक्चरिंग विजन से जोड़ता है।
सेमीकंडक्टर से शिपबिल्डिंग तक आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत की औद्योगिक क्षमता को बढ़ाने और घरेलू स्तर पर वैल्यू चेन मजबूत करने पर जोर दिया। ‘चिप्स से शिप’ का संदेश केवल सेमीकंडक्टर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक अर्थ उच्च तकनीक वाले उद्योगों से लेकर बड़े औद्योगिक और समुद्री निर्माण तक देश की उत्पादन क्षमता को विस्तार देना है। सरकार का जोर ऐसी औद्योगिक व्यवस्था विकसित करने पर है जिसमें उत्पादन, तकनीक और उससे जुड़ी सप्लाई चेन में भारत की भूमिका लगातार बढ़े।
AI को लेकर युवाओं के लिए बड़ा संदेश
वडोदरा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि AI केवल IT क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, रोबोटिक्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी इसकी भूमिका बढ़ेगी। PMO की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सरकार युवाओं को AI सक्षम बनाने के लिए बड़े अभियान की दिशा में काम कर रही है, ताकि नई तकनीक का इस्तेमाल उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए स्टार्टअप एवं इनोवेशन को आगे बढ़ाने में किया जा सके।
35 हजार करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का मंच
वडोदरा में प्रधानमंत्री ने 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी, उद्घाटन किया और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। इन परियोजनाओं में रेलवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, सड़क और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने तेज कनेक्टिविटी को आर्थिक विकास और मैन्युफैक्चरिंग विस्तार के लिए महत्वपूर्ण बताया। इसी कार्यक्रम में 2,800 किलोमीटर से अधिक लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पूरा होने को भी भारत के लॉजिस्टिक्स परिवर्तन की दिशा में बड़ा पड़ाव बताया गया।
‘चिप्स से शिप’ के साथ ऊर्जा इकोसिस्टम पर भी जोर
प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया संदेश में ‘चिप्स से लेकर जहाजों तक’ के साथ ‘सौर ऊर्जा से परमाणु ऊर्जा तक’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत AI, डेटा सेंटर और भविष्य के उद्योगों के लिए ऊर्जा इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। इससे स्पष्ट है कि सरकार के विजन में मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ भविष्य की तकनीकों के लिए जरूरी ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को भी समान रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़ा विजन
वडोदरा के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने भारत के विकास को 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ते हुए युवाओं को इस परिवर्तन का प्रमुख भागीदार बनने का संदेश दिया। उन्होंने AI जैसी उभरती तकनीकों में युवाओं की तैयारी, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी को देश की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में पेश किया। ‘चिप्स से शिप’ का संदेश इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें भारत को तकनीक, उत्पादन और वैल्यू चेन के स्तर पर अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है।








