लखनऊ में कांग्रेस का ‘हल्ला बोल’: पुलिस लाठीचार्ज से गरमाई सियासत

पुलिस लाठीचार्ज से गरमाई सियासत

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज कांग्रेस के ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी। मनरेगा और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया था।
प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने ‘फौजी बाबा’ को गिरफ्तार कर लिया, वहीं कांग्रेस नेता रामनाथ सिकरवार को भी हिरासत में लिया गया। कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को नजरबंद किए जाने की खबर है।

बैरिकेडिंग पर चढ़े अजय राय, पुलिस से तीखी झड़प
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में सुबह 11 बजे विधानसभा की ओर कूच की तैयारी थी। लेकिन पुलिस ने प्रदेश कार्यालय के बाहर ही बैरिकेडिंग लगाकर कार्यकर्ताओं को रोक दिया।
स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब अजय राय और अन्य कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें नीचे उतारा। विधानसभा जाने की जिद पर कांग्रेस नेता वहीं धरने पर बैठ गए। चौराहों पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।

कई बड़े नेता पहुंचे प्रदर्शन में
प्रदर्शन में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी अविनाश पांडेय, नेता विधानमंडल आराधना मिश्रा मोना, विधायक वीरेंद्र चौधरी समेत कई सांसद, पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रदेश भर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचे। कई कार्यकर्ताओं ने रात पार्टी कार्यालय में ही गुजारी और सुबह मार्च में शामिल हुए।

बजट सत्र के बीच बढ़ी सख्ती
इस समय विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन पहले से अलर्ट था। कांग्रेस ने सोमवार को मनरेगा और शंकराचार्य मुद्दे पर घेराव का ऐलान किया था। पुलिस ने एहतियातन कई जिलों में नेताओं को नजरबंद किया और राजधानी में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया।

कांग्रेस का आरोप: कानून व्यवस्था बदहाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार में अपराध लगातार बढ़ रहा है। पार्टी का दावा है कि सरकार दलितों, अल्पसंख्यकों और गरीबों के साथ भेदभाव कर रही है तथा मनरेगा मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा।

नजरबंदी और गिरफ्तारियों से बढ़ा विवाद
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, कई जिलों में कार्यकर्ताओं को नजरबंद किया गया है। रामनाथ सिकरवार की गिरफ्तारी को लेकर पार्टी ने सरकार पर लोकतंत्र की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

राजनीतिक विश्लेषण
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावी रणनीति के तहत कांग्रेस प्रदेश में आक्रामक रुख अपना रही है। विधानसभा घेराव के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने और सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज हो सकता है।