लखनऊ यूनिवर्सिटी के गंगा हॉस्टल में ‘ज़हरीला’ खाना: थाली पटक कर किया प्रदर्शन

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थाली पटक कर किया प्रदर्शन

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देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक लखनऊ यूनिवर्सिटी में हॉस्टल के खाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यूनिवर्सिटी के सेकेंड कैंपस स्थित गंगा गर्ल्स हॉस्टल में दूषित भोजन खाने के बाद एक छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ने से पूरे हॉस्टल में हड़कंप मच गया। घटना के बाद नाराज़ छात्राओं ने थाली पटककर विरोध प्रदर्शन किया और रात का खाना न खाने का फैसला लिया।
छात्राओं का आरोप है कि करोड़ों की फीस देने के बावजूद उन्हें हॉस्टल में घटिया और अस्वच्छ खाना परोसा जा रहा है, जिससे उनकी सेहत खतरे में पड़ रही है।

मेस का खाना खाते ही बिगड़ी छात्रा की तबीयत
बताया जा रहा है कि लॉ की तीसरे वर्ष की छात्रा मेघना शाह ने बुधवार दोपहर हॉस्टल मेस में खाना खाया था। खाना खाने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्हें तेज मतली होने लगी, उल्टियां हुईं और वह बेहोश हो गईं। इसके बाद हॉस्टल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और साथी छात्राएं तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़ पड़ीं। छात्रा को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया।

थाली में मिले कीड़े? छात्राओं का गंभीर आरोप
घटना के बाद कई छात्राओं ने आरोप लगाया कि मेस में परोसे गए भोजन में कीड़े और खराब सामग्री मिली थी।
छात्राओं का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार हॉस्टल के खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की जा चुकी है, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। छात्राओं के मुताबिक, “हमने कई बार मेस की सफाई और खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की, लेकिन हर बार इसे नजरअंदाज कर दिया गया।”

विरोध में थाली पटककर किया प्रदर्शन, भूख हड़ताल भी
घटना के बाद गंगा हॉस्टल की छात्राएं गुस्से में आ गईं और हॉस्टल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्राओं ने मेस के सामने थाली पटककर नाराजगी जताई और कई छात्राओं ने रात का भोजन नहीं किया। कुछ छात्राओं ने तो भूख हड़ताल भी शुरू कर दी। छात्राओं का कहना है कि जब तक हॉस्टल मेस की व्यवस्था में सुधार नहीं होगा और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

छात्रा ने लगाया गंभीर आरोप
बीमार हुई छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर प्रशासन ने उनकी मदद करने के बजाय उनके चरित्र पर सवाल उठाए। हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

देर रात तक चला हंगामा, कुलपति पहुंचे हॉस्टल
छात्राओं के विरोध के बाद मामला बढ़ता देख विश्वविद्यालय के कुलपति और प्रशासनिक टीम गुरुवार सुबह सेकेंड कैंपस पहुंचे और छात्राओं से बातचीत की। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि खाने की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी और यदि कोई लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों की सुरक्षा और हॉस्टल व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में खाने की गुणवत्ता, स्वच्छता और छात्र सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्राओं का कहना है कि भारी फीस लेने के बावजूद यदि उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ भोजन नहीं मिल रहा, तो यह विश्वविद्यालय प्रशासन की बड़ी विफलता है।

जांच जारी, कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि छात्रा की तबीयत खराब होने के पीछे असली कारण क्या था। लेकिन इस घटना ने यह जरूर दिखा दिया है कि विश्वविद्यालयों में हॉस्टल मेस की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण को और सख्त बनाने की जरूरत है।

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