नासिक TCS धर्मांतरण केस में बड़ा एक्शन: AIMIM पार्षद मतीन पटेल के घर-ऑफिस पर चला बुलडोजर

Tanya Bajaj
9 घंटे पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Harsh Pandya
10 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Taushif Shekh
11 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Navya Nair
14 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Ravi sinha
15 घंटे पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब नगर निगम की टीम ने AIMIM पार्षद अब्दुल मतीन पटेल के घर और कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन का दावा है कि संबंधित निर्माण अवैध थे और नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए थे। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई कई घंटों तक चली।
निदा खान को पनाह देने का आरोप
पुलिस के अनुसार, नासिक के चर्चित TCS धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को 7 मई को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि AIMIM पार्षद मतीन पटेल ने फरारी के दौरान निदा खान को अपने बंगले में शरण दी थी। इसी मामले में उनके खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है।
72 घंटे का नोटिस, फिर बुलडोजर कार्रवाई
नगर निगम ने 9 मई को मतीन पटेल को नोटिस जारी कर नारेगांव स्थित कौसर पार्क इलाके में बने कथित अवैध निर्माणों के दस्तावेज मांगे थे। नोटिस में 72 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया था। प्रशासन का कहना है कि निर्धारित समय में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसके बाद अवैध निर्माण ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई।
कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
सूत्रों के मुताबिक, मतीन पटेल ने बुलडोजर कार्रवाई रोकने के लिए अदालत का रुख किया था, लेकिन उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद बुधवार सुबह नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चला अभियान
प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए इलाके में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। मौके पर डीसीपी, एसीपी, कई पुलिस निरीक्षक, महिला पुलिसकर्मी और नगर निगम के कर्मचारी तैनात रहे। कार्रवाई शुरू होने से पहले मतीन पटेल के घर से सामान हटाने का काम भी देखा गया।
मंत्री संजय शिरसाट का बयान
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री संजय शिरसाट ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक तरफ मतीन पटेल और उनके सहयोगी मकान को अपना नहीं बता रहे थे, वहीं दूसरी तरफ नोटिस के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कर रहे थे। उन्होंने इसे “डबल स्टैंडर्ड” बताया। शिरसाट ने यह भी कहा कि इस पूरे धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले में किसी राजनीतिक नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है।
क्या है नासिक TCS मामला?
नासिक स्थित TCS ऑफिस में काम करने वाली कई महिला कर्मचारियों ने यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। अब तक 9 FIR दर्ज हो चुकी हैं और SIT इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
पीड़ित महिलाओं के अनुसार, आरोपियों ने ऑफिस में अश्लील टिप्पणियां कीं, जबरन नजदीक आने की कोशिश की और हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहीं। कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें नमाज पढ़ने, नॉन-वेज खाने और इस्लामिक परंपराओं को अपनाने के लिए मानसिक दबाव बनाया गया।
HR मैनेजमेंट पर भी गंभीर आरोप
जांच में सामने आया है कि HR विभाग के कुछ अधिकारियों पर शिकायतों को दबाने और पीड़ित महिलाओं को ही फटकार लगाने के आरोप लगे हैं। पुलिस को एक कथित व्हाट्सएप ग्रुप की जानकारी भी मिली है, जिसमें ‘टारगेट’ कर्मचारियों पर चर्चा की जाती थी।
अब तक कई आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तार समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। HR मैनेजर अश्विनी चेनानी को भी हिरासत में लिया गया है। मुख्य आरोपी निदा खान फिलहाल 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में है।
मामले में और खुलासों की संभावना
SIT अब इस पूरे नेटवर्क के बाहरी लिंक, डिजिटल सबूत और संभावित राजनीतिक कनेक्शन की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।







