STP टैंक सफाई बनी जानलेवा, दो की गई जान: एल्डिको सोसायटी हादसे में ठेकेदार गिरफ्तार

Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
Anil Sen
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Sai Mehta
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain!
Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Simran Arora
0 सेकंड पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Aarav Sharma
45 मिनट पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Neel Saxena
1 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain!
Pranav Srivastava
1 घंटे पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Monika Das
2 घंटे पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Arjun Singh
2 घंटे पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Kabir Shukla
2 घंटे पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
Kavya Mishra
3 घंटे पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
Saanvi Pandey
3 घंटे पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 स्थित एल्डिको सोसायटी में रविवार तड़के बड़ा हादसा हो गया। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। घटना नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र की है। हादसे के बाद सोसायटी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे। पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
सफाईकर्मी को बचाने उतरा गार्ड भी नहीं बच सका
मुख्य सफाई कर्मचारी शशिकांत शर्मा (40) टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे। जहरीली गैस के कारण उनका दम घुटने लगा और वे बेहोश हो गए। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर सुरक्षा गार्ड आकाश (22) उन्हें बचाने के लिए टैंक में उतर गया। लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया। दोनों को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने सभी को झकझोर दिया।
सुरक्षा उपकरणों के बिना कराया जा रहा था काम
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सफाई कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। टैंक में उतरने से पहले गैस की जांच और ऑक्सीजन स्तर की जांच भी नहीं की गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे टैंकों में अमोनिया और मीथेन जैसी जहरीली गैसें जानलेवा साबित हो सकती हैं। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने से बड़ा हादसा हुआ। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। संबंधित अधिकारियों से पूछताछ जारी है।
ठेकेदार मनोज जैन गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने लापरवाही बरतने के आरोप में मुख्य ठेकेदार मनोज जैन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण दो लोगों की जान गई। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
पोस्टमार्टम और जांच जारी
दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फॉरेंसिक और पुलिस टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे के बाद सीवेज टैंक की सफाई में अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना गैस जांच, ऑक्सीजन सपोर्ट और सुरक्षा किट के किसी कर्मचारी को टैंक में भेजना बेहद खतरनाक है। इस तरह की लापरवाही पहले भी कई हादसों की वजह बन चुकी है। श्रमिक संगठनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा नियमों की समीक्षा करने की बात कही है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने पर जोर दिया जा रहा है।







