47 किमी का सफर बना खौफनाक: चलती स्लीपर बस में नाबालिग से गैंगरेप

Shruti Bajpai
4 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Dev Kapoor
6 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Kabir Shukla
9 घंटे पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Ayaan Khan
11 घंटे पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
दिल्ली-एनसीआर से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 4 अगस्त की रात ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली के कश्मीरी गेट तक करीब 47 किलोमीटर के सफर के दौरान 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ चलती स्लीपर बस में सामूहिक दुष्कर्म किया गया। मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया है।
भारी बारिश में मदद मांग रही थी छात्रा
पुलिस के अनुसार, घटना वाली रात भारी बारिश और अंधेरे के बीच छात्रा परी चौक पर अकेली थी। इसी दौरान एक खाली स्लीपर बस वहां से गुजरी। छात्रा ने बस को रुकने का इशारा किया। आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे नोएडा सेक्टर-63 तक छोड़ने का भरोसा देकर बस में बैठा लिया।
चलती बस में अपराध का आरोप
पुलिस की जांच के मुताबिक, बस आगे बढ़ने के कुछ समय बाद कंडक्टर ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत शुरू की। आरोप है कि इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर ने चलती बस में उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
कश्मीरी गेट के पास छात्रा को उतारा
आरोप है कि करीब 47 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद दोनों आरोपियों ने छात्रा को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर उतार दिया और वहां से फरार हो गए। इसके बाद छात्रा ने पुलिस से संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी।
सीसीटीवी फुटेज से बस तक पहुंची पुलिस
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक, टीम ने बस की पहचान और उसके रूट का पता लगाने के लिए रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के आधार पर पुलिस तिमारपुर की बस पार्किंग तक पहुंची, जहां से ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया।
बस जब्त, फोरेंसिक जांच जारी
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल स्लीपर बस को भी कब्जे में लिया है। बस की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाए जा सकें। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बस में मौजूद सुरक्षा व्यवस्था और नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
पर्दों और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जांच में सामने आया है कि बस की खिड़कियों पर गहरे रंग के पर्दे लगे हुए थे। पुलिस के अनुसार, इन पर्दों की वजह से बस के अंदर क्या हो रहा था, यह बाहर से दिखाई देना मुश्किल था। इसके अलावा सार्वजनिक और व्यावसायिक बसों में सुरक्षा मानकों, पुलिस सत्यापन, ड्राइवर-कंडक्टर की पहचान और सीसीटीवी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
वर्कशॉप से लौट रही थी खाली बस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना वाले दिन बस में खराबी आने के बाद उसे नोएडा के सूरजपुर स्थित एक वर्कशॉप में मरम्मत के लिए ले जाया गया था। मरम्मत के बाद ड्राइवर और कंडक्टर खाली बस को तिमारपुर की ओर ले जा रहे थे। इसी दौरान परी चौक पर छात्रा ने बस को रुकने का इशारा किया था।
नाबालिग पीड़िता होने के कारण पहचान गोपनीय
मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पीड़िता की पहचान कानूनन गोपनीय रखी जानी चाहिए। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान से जुड़ी कोई भी जानकारी साझा करने से बचना जरूरी है।
2012 के निर्भया कांड की याद हुई ताजा
चलती बस में सामने आए इस मामले ने 16 दिसंबर 2012 के दिल्ली निर्भया कांड की याद भी ताजा कर दी है। उस घटना में भी चलती बस में 23 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। घटना के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कानूनों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए थे।







