SIT Probe And Digital Action: जमुई वायरल वीडियो केस में बड़ा एक्शन

जमुई वायरल वीडियो केस में बड़ा एक्शन
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Riya Jain

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0 सेकंड पहले

Kanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.

Yash Kulkarni

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0 सेकंड पहले

Poori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.

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बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। 19 सितंबर की घटना के बाद वीडियो सामने आया और पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि वीडियो के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान और तलाश जारी है। मामले में POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।


जांच के लिए SIT का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार SIT जमुई SDPO की निगरानी में काम कर रही है और घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है। पुलिस वीडियो फुटेज, आरोपियों की पहचान और घटना से जुड़े अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक वीडियो में करीब सात संदिग्धों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है।


वीडियो शेयर करने वाले अकाउंट्स पर कार्रवाई
पुलिस ने घटना के वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले अकाउंट्स के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। 21 सितंबर की रिपोर्टों के अनुसार 32 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर टेकडाउन कार्रवाई की गई या नोटिस भेजे गए, जिनमें Facebook, Instagram और X से जुड़े अकाउंट्स शामिल बताए गए हैं। कार्रवाई का एक प्रमुख कारण नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो का प्रसार बताया गया है। पुलिस ने लोगों से ऐसे वीडियो को आगे शेयर या रीपोस्ट नहीं करने की अपील की है।

 

सोशल मीडिया कार्रवाई का दायरा बढ़ा
22 सितंबर को सामने आई कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई 32 अकाउंट्स से आगे बढ़कर करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल तक पहुंच गई है। इनमें ऐसे अकाउंट्स की पहचान की जा रही है जिन्होंने नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो या सामग्री को प्रसारित किया। इसलिए फिलहाल “32 अकाउंट्स पर कार्रवाई” को शुरुआती कार्रवाई और “120 अकाउंट्स रडार पर” को बाद की व्यापक कार्रवाई के रूप में लिखना अधिक सटीक है।


नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने पर चेतावनी
बिहार पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स को चेतावनी दी है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान सामने लाने वाली सामग्री को शेयर करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। मामले में POCSO कानून के तहत कार्रवाई हो रही है और पुलिस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित वीडियो की निगरानी भी कर रही है। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य घटना की जांच के साथ-साथ पीड़िता की पहचान और निजता की सुरक्षा करना भी है। इसलिए वायरल वीडियो को डाउनलोड कर दोबारा पोस्ट या शेयर करने से बचने की अपील की गई है।


जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी
जमुई पुलिस की जांच अभी जारी है और गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के साथ अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो के प्रसार को लेकर भी डिजिटल कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में मामले की आगे की स्थिति SIT की जांच, पुलिस कार्रवाई और अदालत के समक्ष पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।

 

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