महिला सुरक्षा पर दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: बसों से हटेंगे पर्दे और काली फिल्म

बसों से हटेंगे पर्दे और काली फिल्म
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Payal jadon

Payal jadon

1 दिन पहले

Kanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.

Ada khan

Ada khan

1 दिन पहले

Kanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

1 दिन पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

Aarohi Chaudhary

Aarohi Chaudhary

1 दिन पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Neel Saxena

Neel Saxena

1 दिन पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

1 दिन पहले

Poori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.

Navya Nair

Navya Nair

1 दिन पहले

Yeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.

Pihu Agarwal

Pihu Agarwal

1 दिन पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

1 दिन पहले

Kanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.

Taushif Shekh

Taushif Shekh

1 दिन पहले

Poori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.

Aarohi Chaudhary

Aarohi Chaudhary

1 दिन पहले

Apradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!

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नोएडा से दिल्ली के बीच चलती स्लीपर बस में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। मामले के बाद दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने बसों में सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने के निर्देश जारी किए हैं। इनका उद्देश्य बसों के भीतर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा मजबूत करना है। नए निर्देश दिल्ली में चलने वाली निजी और सार्वजनिक बसों के साथ-साथ बाहरी राज्यों से आने वाली अंतरराज्यीय बसों पर भी लागू होंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।


बसों में पर्दे और काली फिल्म पर रोक
नए सुरक्षा निर्देशों के तहत बसों की खिड़कियों पर पर्दे लगाने और अनधिकृत काली फिल्म या टिंटेड ग्लास के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। खास तौर पर स्लीपर बसों में बर्थ और केबिन की व्यवस्था ऐसी रखने के निर्देश दिए गए हैं जिससे अंदर की गतिविधियां बाहर या बस की गैलरी से दिखाई दे सकें। सरकार का मानना है कि बस के अंदर दृश्यता बढ़ने से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और निगरानी आसान होगी। यह कदम खास तौर पर महिलाओं और नाबालिग यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। नियमों के पालन की जिम्मेदारी बस ऑपरेटरों और संबंधित स्टाफ पर होगी।


GPS और पैनिक बटन हर समय एक्टिव रखना होगा
दिल्ली परिवहन विभाग ने बसों में लगे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस यानी VLTD और आपातकालीन पैनिक बटन को हर समय चालू रखने के निर्देश दिए हैं। किसी भी उपकरण में खराबी या छेड़छाड़ होने पर उसे तत्काल ठीक कराने की जिम्मेदारी बस संचालक की होगी। इन तकनीकी व्यवस्थाओं का उद्देश्य आपात स्थिति में बस की लोकेशन का पता लगाने और यात्रियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने में मदद करना है। किसी महिला, बच्चे या अन्य यात्री के साथ बस में छेड़छाड़ या उत्पीड़न की स्थिति सामने आने पर चालक और कंडक्टर को भी तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे आपात स्थिति में पुलिस तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

 

घटना होने पर बस सीधे पुलिस तक पहुंचेगी
नए दिशा-निर्देशों में बस चालक और कंडक्टर की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट की गई हैं। यदि बस के अंदर किसी महिला या बच्चे के साथ उत्पीड़न, छेड़छाड़ या कोई गंभीर संदिग्ध घटना सामने आती है तो बस क्रू को वाहन को नजदीकी पुलिस स्टेशन या पुलिस सहायता उपलब्ध स्थान तक ले जाने और पुलिस को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य किसी गंभीर घटना के बाद बस को आगे बढ़ाते रहने के बजाय तत्काल पुलिस हस्तक्षेप सुनिश्चित करना है। ऐसे मामलों में बस स्टाफ की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया को महत्वपूर्ण माना गया है। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।


ड्राइवर और हेल्पर का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी
बसों में काम करने वाले ड्राइवर, कंडक्टर और हेल्पर की सुरक्षा जांच को भी नए नियमों में महत्व दिया गया है। बस ऑपरेटरों को निर्देश दिया गया है कि बिना आवश्यक पुलिस वेरिफिकेशन के किसी कर्मचारी को नियुक्त न किया जाए। इसके साथ ही बस स्टाफ को महिलाओं और बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार तथा आपात स्थिति में सही प्रतिक्रिया के लिए प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया है। बसों को केवल अधिकृत और सुरक्षित स्थानों पर रोकने या पार्क करने तथा अनधिकृत पिक-अप पॉइंट्स से बचने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन उपायों का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना है।


लापता मामलों में FIR को लेकर भी सख्ती
महिला और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्रवाई को तेज करने पर भी जोर दिया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गुमशुदगी के मामलों में केवल सामान्य DD Entry तक सीमित रहने के बजाय FIR दर्ज करने और तत्काल जांच शुरू करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद पुलिस व्यवस्था में बदलाव पर जोर दिया गया है। दिल्ली में महिला सुरक्षा के लिए पिंक बूथ, महिला पुलिसकर्मियों से जुड़ी सेवाओं और विशेष पुलिस व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन में नए सुरक्षा नियमों के साथ इन कदमों का उद्देश्य शिकायत दर्ज कराने, पुलिस सहायता उपलब्ध कराने और संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई को बेहतर बनाना है। महिला सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने की मांग भी लगातार उठ रही है।

 

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Payal jadon

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1 दिन पहले

Kanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.

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Yash Kulkarni

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1 दिन पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

Aarohi Chaudhary

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Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Neel Saxena

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Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Neha Tripathi

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Navya Nair

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Yeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.

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Taushif Shekh

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