Aaj Ka Panchang 19 September 2026: आज राधाष्टमी, महालक्ष्मी व्रत और दुर्गाष्टमी, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त

Ravi sinha
2 दिन पहलेGraha nakshatra sab kuch pehle se bata dete hain.
Aditya Verma
2 दिन पहलेKundali dekhkar bohot kuch pehle pata chal jata hai.
Riya Jain
2 दिन पहलेIshwar ki leela ko koi nahi samjha sakta.
Priya Iyer
2 दिन पहलेAaj ka din bahut mahatvapurna raha jyotish ke hisaab se.
Harsh Pandya
2 दिन पहलेAaj ka din bahut mahatvapurna raha jyotish ke hisaab se.
Ananya Sharma
2 दिन पहलेYeh toh planets ki chaal ka hi asar hai!
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
19 सितंबर 2026, शनिवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज राधाष्टमी, मासिक दुर्गाष्टमी, महालक्ष्मी व्रत का आरंभ और शनिवार व्रत जैसे धार्मिक अवसर हैं। राधाष्टमी पर राधा रानी की पूजा दोपहर के समय करने की धार्मिक परंपरा है।
राधाष्टमी पूजा का शुभ समय
आज अष्टमी तिथि दोपहर करीब 3:26 बजे तक रहेगी और इसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी। राधाष्टमी पूजा के लिए सुबह 11:01 बजे से दोपहर 1:28 बजे तक का समय बताया गया है। इस दौरान श्रद्धालु राधा रानी की पूजा और व्रत का संकल्प कर सकते हैं।
महालक्ष्मी व्रत आज से शुरू
19 सितंबर से महालक्ष्मी व्रत शुरू हो रहा है और इसका समापन 3 अक्टूबर 2026 को होगा। यह व्रत माता महालक्ष्मी की आराधना से जुड़ा है। परंपरा के अनुसार इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना और व्रत किया जाता है।
मासिक दुर्गाष्टमी पर देवी की पूजा
आज मासिक दुर्गाष्टमी भी मनाई जा रही है। इस अवसर पर देवी दुर्गा की पूजा की जाती है और धार्मिक मान्यता के अनुसार मां के महागौरी स्वरूप की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है।
शनिवार व्रत और शनिदेव की पूजा
शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा करने की परंपरा है। आज दिए गए पंचांग के अनुसार सुबह 7:40 बजे से 9:11 बजे तक शुभ चौघड़िया रहेगा, जिसमें धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं।
आज की तिथि, नक्षत्र और योग
अष्टमी तिथि दोपहर 3:26 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि शुरू होगी। मूल नक्षत्र रात करीब 1:43 बजे तक रहेगा और उसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र प्रारंभ होगा। आयुष्मान योग दोपहर 2:29 बजे तक रहेगा, इसके बाद सौभाग्य योग शुरू होगा। चंद्रमा धनु राशि में स्थित रहेगा।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
19 सितंबर को सूर्योदय और सूर्यास्त का समय स्थान के अनुसार अलग हो सकता है। दिए गए पंचांग गणना के अनुसार सूर्योदय करीब 6:08 बजे और सूर्यास्त करीब 6:22 बजे बताया गया है। चंद्रोदय दोपहर के समय और चंद्रास्त रात में होगा।
आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह करीब 4:34 बजे से 5:21 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:39 बजे तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2:17 बजे से 3:06 बजे तक रहेगा। अमृत काल शाम 6:31 बजे से रात 8:19 बजे तक तथा निशिता मुहूर्त रात 11:51 बजे से 12:38 बजे तक रहेगा। मुहूर्त स्थान के अनुसार कुछ मिनट बदल सकते हैं।
दिन के शुभ चौघड़िया
आज सुबह 7:40 से 9:11 बजे तक शुभ चौघड़िया, दोपहर 12:15 से 1:46 बजे तक चर, 1:46 से 3:18 बजे तक लाभ और 3:18 से 4:50 बजे तक अमृत चौघड़िया बताया गया है।
रात के शुभ चौघड़िया
शाम 6:22 से 7:50 बजे तक लाभ, रात 9:18 से 10:47 बजे तक शुभ और 10:47 बजे से मध्यरात्रि 12:15 बजे तक अमृत चौघड़िया रहेगा। इसके बाद 12:15 से 1:43 बजे तक चर तथा सुबह 4:40 से 6:08 बजे तक लाभ चौघड़िया बताया गया है।
आज के अशुभ समय
दिए गए पंचांग के अनुसार राहुकाल सुबह 9:11 से 10:43 बजे तक, यमगंड दोपहर 1:46 से 3:18 बजे तक और गुलिक काल सुबह 6:08 से 7:40 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 6:08 से 6:57 बजे तथा 6:57 से 7:46 बजे तक बताया गया है। दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा। राहुकाल आदि का समय शहर के अनुसार बदल सकता है।
शिववास का समय
आज अष्टमी तिथि समाप्त होने तक शिववास श्मशान में और इसके बाद गौरी के साथ माना गया है। यह विवरण पारंपरिक पंचांग गणना पर आधारित है।
धार्मिक महत्व
राधाष्टमी को राधा रानी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन राधा-कृष्ण की पूजा, व्रत और भक्ति संबंधी अनुष्ठान किए जाते हैं। 2026 में राधाष्टमी 19 सितंबर, शनिवार को मनाई जा रही है।








