TMC Faction Gets New Name and Symbol: ममता गुट को मिला नया नाम-निशान, ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ बना चुनाव चिन्ह

Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
ममता गुट को नई पहचान
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को अंतरिम तौर पर नया नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किया है। इस गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह दिया गया है।
नया लोगो जारी
ममता बनर्जी के गुट ने 21 सितंबर को नए नाम और चुनाव चिन्ह के साथ अपना लोगो भी जारी किया। लोगो में नीली पृष्ठभूमि पर सफेद अक्षरों में ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ लिखा है और बीच में फुटबॉल खिलाड़ी का चिन्ह रखा गया है।
कार्यकर्ताओं को प्रचार का निर्देश
नए चुनाव चिन्ह के बाद पार्टी नेतृत्व ने नेताओं, कार्यकर्ताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों से इसे लोगों तक पहुंचाने और नए प्रतीक से मतदाताओं को परिचित कराने को कहा है। आगामी उपचुनावों को देखते हुए पार्टी की चुनावी पहचान में यह बदलाव महत्वपूर्ण है।
पुराना नाम और चिन्ह फ्रीज
चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे विवाद के बीच मूल ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल और घास’ के पारंपरिक चुनाव चिन्ह को अंतरिम रूप से फ्रीज कर दिया है। आयोग ने दोनों गुटों को आगामी चुनावी प्रक्रिया के लिए अलग नाम और प्रतीक आवंटित किए हैं।
फुटबॉल खिलाड़ी चिन्ह क्यों
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने नए चुनाव चिन्ह के विकल्पों में फुटबॉल खिलाड़ी और क्रिकेट बैट को रखा था। आयोग ने फुटबॉल खिलाड़ी के चिन्ह को मंजूरी दी। 2021 के नंदीग्राम विधानसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी के फुटबॉल से जुड़े प्रचार की तस्वीरें भी सामने आई थीं।
दूसरे गुट को लिफाफा चिन्ह
चुनाव आयोग ने दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया है। आयोग के अनुसार दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के रूप में माना जाएगा।
उपचुनाव से पहले बदलाव
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव प्रस्तावित हैं। आयोग की अंतरिम व्यवस्था के तहत दोनों गुट इन चुनावों में अपने नए नाम और चुनाव चिन्ह के साथ आगे बढ़ेंगे। इस बीच ममता बनर्जी के गुट ने मूल नाम और चिन्ह फ्रीज किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और 21 सितंबर को मामले की तत्काल सुनवाई के लिए अनुरोध किया गया।








