Jio IPO Reliance Stock Market IPO news: जियो IPO ने बनाए 7 रिकॉर्ड, 3 दिन में 22.19 गुना सब्सक्राइब

Navya Nair
0 सेकंड पहलेShare market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेCrypto mein invest karne se pehle aisi khabarein padhni chahiye.
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO ने शेयर बाजार में कई रिकॉर्ड बनाए हैं। 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक खुले इस IPO को निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला। इश्यू सिर्फ 100 मिनट में पूरा सब्सक्राइब हो गया। तीन दिन की बोली प्रक्रिया खत्म होने तक इसे कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इस दौरान कंपनी को 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए।
₹30,213 करोड़ का था जियो का IPO
जियो प्लेटफॉर्म्स ने इस IPO के जरिए ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना बनाई थी। यह नए शेयर जारी करने वाला इश्यू था। इसमें कंपनी ने 27 करोड़ नए शेयर जारी किए।
इससे पहले भारत के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया के नाम था, जिसने अक्टूबर 2024 में करीब ₹27,870 करोड़ का IPO पेश किया था। जियो प्लेटफॉर्म्स ने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
IPO को मिले 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन
जियो के IPO में निवेशकों की भागीदारी ने नया रिकॉर्ड बनाया। तीन दिन की बोली प्रक्रिया में 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन आए। यह IPO निवेशकों की बड़ी भागीदारी के लिए चर्चा में रहा।
इश्यू को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसका मतलब है कि निवेशकों ने उपलब्ध शेयरों की तुलना में करीब 22 गुना से ज्यादा शेयरों के लिए बोली लगाई। रिपोर्टों के मुताबिक, एंकर निवेशकों की मांग सहित कुल मांग लगभग ₹7.40 लाख करोड़ रही।
बड़े निवेशकों ने सबसे ज्यादा लगाई बोली
जियो के IPO में अलग-अलग निवेशक वर्गों की ओर से अच्छी मांग देखने को मिली। अंतिम दिन के आंकड़ों के अनुसार सब्सक्रिप्शन इस प्रकार रहा:
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): 70.55 गुना
नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): 14 गुना
रिटेल निवेशक: 2.72 गुना
कर्मचारी कैटेगरी: 2.93 गुना
मौजूदा शेयरधारकों की कैटेगरी: 7.60 गुना
इन आंकड़ों से साफ है कि बड़े संस्थागत निवेशकों ने इस IPO में सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। छोटे यानी रिटेल निवेशकों की कैटेगरी में भी उपलब्ध शेयरों से अधिक मांग रही।
कितनी थी शेयर की कीमत?
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर तय किया गया था। एक लॉट में 12 शेयर रखे गए थे। इस हिसाब से ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए कम से कम ₹13,428 का निवेश जरूरी था।
ऊपरी कीमत के आधार पर कंपनी का बाजार मूल्य लगभग ₹10.3 लाख करोड़ आंका गया।
IPO से मिलने वाले पैसे का क्या होगा?
कंपनी की योजना IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करने की है। करीब ₹27,500 करोड़ का उपयोग रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के कुछ कर्जों के भुगतान या समय से पहले भुगतान के लिए किया जाएगा। बची हुई रकम सामान्य कारोबारी जरूरतों में इस्तेमाल की जाएगी।
कब होगा अलॉटमेंट और शेयर बाजार में लिस्टिंग?
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर 2026 को तय कार्यक्रम के अनुसार होने की उम्मीद है। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उनके रिफंड और सफल आवेदकों के डीमैट खातों में शेयर जमा करने की प्रक्रिया 27 अक्टूबर को निर्धारित है। कंपनी के शेयरों की BSE और NSE पर लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है।
निवेशकों के लिए क्या है इसका मतलब?
जियो के IPO को मिली बड़ी प्रतिक्रिया कंपनी के प्रति निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी दिखाती है। हालांकि, किसी IPO का ज्यादा सब्सक्राइब होना इस बात की गारंटी नहीं है कि लिस्टिंग के दिन शेयर की कीमत बढ़ेगी। निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, बाजार के जोखिम और अपनी निवेश क्षमता को समझना जरूरी है।








