Nifty Market Outlook: निफ्टी 22,850 के ऊपर टिका तो 23,000 की ओर बढ़ेगा बाजार

निफ्टी 22,850 के ऊपर टिका तो 23,000 की ओर बढ़ेगा बाजार
प्रतिक्रियाएँ
Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

4 घंटे पहले

Business world mein yeh ek badi halachal hai.

Kunal Rao

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5 घंटे पहले

Economy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.

Ritika Ghosh

Ritika Ghosh

5 घंटे पहले

RBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.

Vihaan Patel

Vihaan Patel

7 घंटे पहले

Paise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.

Navya Nair

Navya Nair

8 घंटे पहले

Business world mein yeh ek badi halachal hai.

Krishna Yadav

Krishna Yadav

9 घंटे पहले

Economy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.

Riya Jain

Riya Jain

10 घंटे पहले

Chhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.

Kunal Rao

Kunal Rao

11 घंटे पहले

Business world mein yeh ek badi halachal hai.

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निफ्टी में तेजी के बाद अहम स्तरों पर नजर
15 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली। निफ्टी 50 में 1.66 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई, जो पिछले चार महीनों में इसकी सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त बताई गई। इस तेजी के साथ इंडेक्स ने अपने 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) और बोलिंगर बैंड्स की मध्य रेखा को फिर से हासिल किया। तकनीकी संकेतकों में सुधार से निकट अवधि में खरीदारी का रुझान मजबूत होने के संकेत मिले। हालांकि, निफ्टी अब भी अपने 50-दिवसीय और 200-दिवसीय EMA से नीचे है, इसलिए व्यापक बाजार रुझान को पूरी तरह मजबूत नहीं माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा तेजी को फिलहाल राहत देने वाली तेजी के रूप में देखना और सतर्क रहना जरूरी है।

 

निफ्टी के लिए 22,850 का स्तर अहम
मार्केट विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी यदि 22,850 के ऊपर टिकता है, तो उसके लिए 23,000 की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। इसके बाद 23,300 से 23,350 के दायरे में अगला अहम रेजिस्टेंस सामने आ सकता है। दूसरी ओर, यदि इंडेक्स 22,850 के ऊपर टिकने में नाकाम रहता है, तो बाजार में कुछ और समय तक सीमित दायरे में कारोबार यानी कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है। नीचे की तरफ 22,700 से 22,600 का दायरा सपोर्ट क्षेत्र के रूप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ये स्तर तकनीकी विश्लेषण पर आधारित हैं और बाजार की परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं।

 

निफ्टी 50 के सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
दिए गए तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, निफ्टी 50 का संदर्भ स्तर 22,997 बताया गया है। पिवट पॉइंट्स के आधार पर इसके प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर 23,057, 23,156 और 23,316 हैं। वहीं, नीचे की ओर सपोर्ट स्तर 22,737, 22,638 और 22,478 बताए गए हैं। दैनिक चार्ट पर निफ्टी ने लंबी बुलिश कैंडल बनाई और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बंद हुआ। RSI में सुधार और बुलिश क्रॉसओवर के साथ MACD का सकारात्मक संकेत भी निकट अवधि में बेहतर होते मोमेंटम की ओर इशारा करता है। हालांकि, मध्यम और लंबी अवधि के मूविंग एवरेज से नीचे बने रहने के कारण व्यापक रुझान पर सावधानी बरतने की जरूरत है।

 

बैंक निफ्टी के अहम स्तर और तकनीकी संकेत
बैंक निफ्टी का संदर्भ स्तर 55,810 बताया गया है। पिवट पॉइंट्स के आधार पर इसके रेजिस्टेंस स्तर 56,019, 56,204 और 56,505 हैं, जबकि सपोर्ट स्तर 55,418, 55,232 और 54,932 बताए गए हैं। फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर 57,285 और 59,261 रेजिस्टेंस, जबकि 55,049 और 54,053 सपोर्ट स्तर हैं। दैनिक चार्ट पर बैंक निफ्टी ने बुलिश कैंडल बनाई और हायर हाई-हायर लो का ढांचा बनाए रखा। कारोबार की मात्रा भी मजबूत रही। RSI बढ़कर 51.59 पर पहुंचा और MACD अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा। इसके बावजूद इंडेक्स अपने 50-दिवसीय EMA के नीचे और 100-दिवसीय तथा 200-दिवसीय EMA से भी नीचे रहा, जिससे लंबी अवधि के रुझान में कमजोरी का संकेत मिलता है।

 

इंडिया VIX और पुट-कॉल रेशियो
बाजार की अस्थिरता को दर्शाने वाला इंडिया VIX 15 अक्टूबर को 4.1 प्रतिशत गिरकर 14.02 पर आ गया। VIX में गिरावट से बाजार की अनिश्चितता कुछ कम होने का संकेत मिला, हालांकि मजबूत तेजी के लिए अस्थिरता में और कमी की जरूरत हो सकती है। दूसरी ओर, निफ्टी का पुट-कॉल रेशियो (PCR) बढ़कर 1.37 पर पहुंच गया, जो 3 अगस्त के बाद इसका सबसे ऊंचा क्लोजिंग स्तर बताया गया। इससे पिछले सत्र में यह अनुपात 0.91 था। आम तौर पर एक से ऊपर का PCR तेजी की भावना का संकेत माना जाता है, लेकिन इसे बाजार की दिशा का अकेला संकेतक नहीं मानना चाहिए।'

 

F&O प्रतिबंध के तहत शामिल शेयर
फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) सेगमेंट में उन प्रतिभूतियों को प्रतिबंधित सूची में रखा जा सकता है, जिनकी डेरिवेटिव पोजीशन मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट के 95 प्रतिशत से अधिक हो जाती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर के बाजार अपडेट में प्रतिबंधित सूची में पहले से शामिल शेयरों में अंबुजा सीमेंट्स, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया और सेल के नाम थे। नए शेयरों को प्रतिबंधित सूची में शामिल नहीं किया गया था और न ही किसी शेयर को सूची से हटाया गया था। ट्रेडिंग से पहले प्रतिबंधित शेयरों की ताजा सूची और संबंधित एक्सचेंज के नियमों की जांच करना जरूरी है।

 

निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं
तकनीकी संकेतक निफ्टी और बैंक निफ्टी में निकट अवधि के मोमेंटम में सुधार की ओर इशारा करते हैं, लेकिन प्रमुख दीर्घकालिक मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार जारी रहने के कारण जोखिम बना हुआ है। निवेशकों और ट्रेडर्स को सपोर्ट तथा रेजिस्टेंस स्तरों के साथ बाजार की ताजा चाल पर नजर रखनी चाहिए। केवल एक तकनीकी संकेतक या अनुमान के आधार पर निवेश का फैसला लेने से बचें। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपनी वित्तीय स्थिति, जोखिम उठाने की क्षमता और जरूरत पड़ने पर पंजीकृत वित्तीय सलाहकार की सलाह पर विचार करें।

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Tanya Bajaj

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4 घंटे पहले

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5 घंटे पहले

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Ritika Ghosh

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RBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.

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Navya Nair

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Economy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.

Riya Jain

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Kunal Rao

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11 घंटे पहले

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