Indonesia Market Crash: इंडोनेशिया का शेयर बाजार 11.4% टूटा, 1998 के बाद सबसे बड़ी गिरावट

इंडोनेशिया का शेयर बाजार 11.4% टूटा, 1998 के बाद सबसे बड़ी गिरावट
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Anika Rajput

Anika Rajput

0 सेकंड पहले

Chhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

15 मिनट पहले

Economy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.

Priya Iyer

Priya Iyer

49 मिनट पहले

RBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.

Simran Arora

Simran Arora

2 घंटे पहले

Market mein itna uthar-chadhaav, investors pareshan hain.

Vihaan Patel

Vihaan Patel

3 घंटे पहले

Financial planning sochni hogi ab naye sir se.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

4 घंटे पहले

Market mein itna uthar-chadhaav, investors pareshan hain.

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

5 घंटे पहले

Chhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

6 घंटे पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

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इंडोनेशिया के शेयर बाजार में 11.4% तक गिरावट
दक्षिण-पूर्व एशिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था इंडोनेशिया के शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट 11.4 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिसे जनवरी 1998 के बाद एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट बताया गया है। शुरुआती कारोबार में तेज गिरावट के बाद ट्रेडिंग करीब 30 मिनट के लिए रोकनी पड़ी। कारोबार दोबारा शुरू होने पर भी बिकवाली का दबाव बना रहा। इस घटनाक्रम ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी और विदेशी निवेश के संभावित बहिर्वाह को लेकर सवाल खड़े किए।

 

MSCI की चेतावनी से बढ़ी बाजार की चिंता
गिरावट की प्रमुख वजह वैश्विक इंडेक्स प्रदाता MSCI की ओर से इंडोनेशिया के बाजार की श्रेणी को लेकर दी गई चेतावनी बताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, MSCI ने बाजार की पहुंच, पारदर्शिता और निवेश संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर चिंताएं जताईं और इंडोनेशिया को उभरते बाजार की श्रेणी से हटाकर स्टैंडअलोन मार्केट श्रेणी में रखने की संभावना का संकेत दिया। यदि ऐसा होता है, तो इंडोनेशियाई शेयर कुछ वैश्विक सूचकांकों से बाहर हो सकते हैं। इससे उन सूचकांकों को ट्रैक करने वाले फंडों के निवेश पर असर पड़ने की आशंका है।

 

बड़े बैंकों के शेयरों पर भी दबाव
बाजार में व्यापक बिकवाली के बीच इंडोनेशिया के प्रमुख बैंकों के शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज किए जाने की खबर है। रिपोर्ट में बैंक सेंट्रल एशिया, बैंक रक्यात इंडोनेशिया और बैंक मंदिरी के शेयरों में करीब 15 प्रतिशत तक गिरावट का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इंडोनेशियाई रुपया कमजोर होकर लगभग 18,070 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंचने की बात कही गई। शेयर बाजार और मुद्रा दोनों पर दबाव से निवेशकों की चिंता बढ़ी है।

 

स्टैंडअलोन श्रेणी में जाने से क्या होगा असर?
यदि इंडोनेशिया को स्टैंडअलोन मार्केट श्रेणी में रखा जाता है, तो वैश्विक निवेश सूचकांकों में उसकी हिस्सेदारी और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की भागीदारी प्रभावित हो सकती है। ऐसे सूचकांकों को आधार बनाकर निवेश करने वाले कुछ फंडों को अपनी हिस्सेदारी में बदलाव करना पड़ सकता है, जिससे बाजार से पूंजी निकलने का जोखिम बढ़ सकता है। रिपोर्ट में बैंक परमाटा के मुख्य अर्थशास्त्री जोसुआ परदेदे के हवाले से कहा गया है कि बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने, नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने और निवेशकों का भरोसा बहाल करने की जरूरत है। हालांकि, संभावित असर का वास्तविक आकार अंतिम निर्णय और निवेशकों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।

 

अन्य एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
इंडोनेशिया में तेज गिरावट के बीच अन्य एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कोरिया के कोस्पी में कुछ सुधार दर्ज हुआ, जबकि ताइवान के बाजार में भी पिछली गिरावट के बाद हल्की बढ़त रही। सिंगापुर और फिलीपींस के बाजारों में तेजी बताई गई, जबकि मलेशिया में गिरावट दर्ज हुई। अलग-अलग बाजारों का प्रदर्शन वैश्विक निवेशकों की बदलती धारणा और स्थानीय आर्थिक परिस्थितियों से प्रभावित होता है। इंडोनेशिया

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Anika Rajput

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Chhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.

Aryan Malhotra

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15 मिनट पहले

Economy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.

Priya Iyer

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49 मिनट पहले

RBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.

Simran Arora

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2 घंटे पहले

Market mein itna uthar-chadhaav, investors pareshan hain.

Vihaan Patel

Vihaan Patel

3 घंटे पहले

Financial planning sochni hogi ab naye sir se.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

4 घंटे पहले

Market mein itna uthar-chadhaav, investors pareshan hain.

Yash Kulkarni

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5 घंटे पहले

Chhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

6 घंटे पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

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