Nifty slips: क्रूड और तनाव से बाजार दबाव में

क्रूड और तनाव से बाजार दबाव में
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भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर बिकवाली का दबाव देखने को मिला और प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 382.62 अंक यानी 0.50 फीसदी गिरकर 76,132.81 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 75,970.52 के निचले स्तर तक पहुंच गया था। वहीं निफ्टी 50 में 118.55 अंक यानी 0.50 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई और यह 23,779.15 के स्तर पर बंद हुआ। दोनों प्रमुख सूचकांक करीब छह सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए।


IT शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
बाजार की गिरावट में आईटी शेयरों की कमजोरी प्रमुख वजहों में रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2.3 फीसदी नीचे रहा और Infosys समेत कई बड़ी आईटी कंपनियों के शेयरों में दबाव देखा गया। मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ी, जिससे अमेरिकी कंपनियों के टेक खर्च और भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई पर असर पड़ने की आशंका ने निवेशकों की धारणा कमजोर की।


कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ाया। कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड करीब 97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई, व्यापार संतुलन और कंपनियों की लागत को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ती है। बाजार रिपोर्टों में बढ़ते तेल भाव को सोमवार की गिरावट के प्रमुख कारणों में शामिल किया गया।

 

पश्चिम एशिया तनाव का असर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जुड़े जोखिमों ने भी निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ाई। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ी। भारतीय बाजार में भी इसका असर दिखाई दिया और कई प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली।


अमेरिकी फेड की दरों को लेकर आशंका
अमेरिका के मजबूत रोजगार आंकड़ों के बाद बाजार में यह चिंता बढ़ी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती को टाल सकता है या दरों को लेकर सख्त रुख अपना सकता है। इस अनिश्चितता का असर खासतौर पर उन भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ा जिनका कारोबार अमेरिकी बाजार पर काफी निर्भर है। हालांकि, फेड की ओर से सितंबर में दर बढ़ाने का कोई निश्चित फैसला नहीं हुआ है, इसलिए इसे केवल बाजार की आशंका के तौर पर देखना चाहिए।


बिकवाली के बीच बाजार में सीमित रिकवरी
दिन के कारोबार में सेंसेक्स अपने निचले स्तर से कुछ संभला, लेकिन गिरावट को पूरी तरह पलट नहीं सका। बाजार रिपोर्टों के अनुसार IT, मेटल, PSU बैंक और मीडिया शेयरों में कमजोरी रही, जबकि कुछ चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी ने सूचकांकों को दिन के निचले स्तर से ऊपर उठने में मदद की। कुल मिलाकर बढ़ता क्रूड, पश्चिम एशिया का तनाव और अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता बाजार की दिशा पर असर डालती रही।

 

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