UPI Transactions Fall: ‘No UPI Day’ के बीच जानें क्यों कम हुए UPI पेमेंट

‘No UPI Day’ के बीच जानें क्यों कम हुए UPI पेमेंट
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Ayaan Khan

Ayaan Khan

3 घंटे पहले

Market mein itna uthar-chadhaav, investors pareshan hain.

Priya Iyer

Priya Iyer

4 घंटे पहले

Market mein itna uthar-chadhaav, investors pareshan hain.

Diya Gupta

Diya Gupta

6 घंटे पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

Krishna Yadav

Krishna Yadav

7 घंटे पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

8 घंटे पहले

Economy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.

Ada khan

Ada khan

9 घंटे पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

Pooja Reddy

Pooja Reddy

11 घंटे पहले

Market mein itna uthar-chadhaav, investors pareshan hain.

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सितंबर में UPI ट्रांजैक्शन में गिरावट
UPI पेमेंट को लेकर सितंबर के आंकड़ों में गिरावट दर्ज की गई है। दिए गए स्रोत के अनुसार, अगस्त में UPI के जरिए करीब 2,450 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए थे, जो सितंबर में घटकर करीब 2,407 करोड़ रह गए। इस तरह ट्रांजैक्शन की संख्या में करीब 1.8 प्रतिशत की कमी आई। UPI पेमेंट की कुल वैल्यू में भी करीब 1.50 प्रतिशत की गिरावट बताई गई है और यह अगस्त के 29.82 लाख करोड़ रुपये से घटकर सितंबर में 29.37 लाख करोड़ रुपये रह गई।

 

MDR चार्ज को लेकर व्यापारियों का विरोध
UPI पेमेंट पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR चार्ज के खिलाफ 2 अक्टूबर को ‘No UPI Day’ प्रोटेस्ट का जिक्र किया गया है। स्रोत के अनुसार, कुछ व्यापारियों ने विरोध के तौर पर अपने QR स्कैनर को काले कपड़ों से ढक दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत MDR चार्ज लगाए जाने की बात कही गई है।

 

क्या MDR चार्ज की वजह से घटे ट्रांजैक्शन?
सितंबर में UPI ट्रांजैक्शन घटने को सीधे MDR चार्ज से जोड़ना अभी स्पष्ट नहीं है। स्रोत में बाजार जानकारों के हवाले से बताया गया है कि अगस्त में 31 दिन थे, जबकि सितंबर में 30 दिन, इसलिए कुल ट्रांजैक्शन की संख्या में कमी आना केवल दिनों की संख्या में अंतर से भी प्रभावित हो सकता है। रोजाना औसत ट्रांजैक्शन की बात करें तो सितंबर में करीब 80.2 करोड़ और अगस्त में करीब 79.1 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन बताए गए हैं।

 

आम यूजर्स पर MDR का सीधा असर नहीं
स्रोत के अनुसार, प्रस्तावित MDR चार्ज आम UPI यूजर्स से सीधे नहीं लिया जाना है। आम लोगों के लिए UPI पेमेंट पहले की तरह मुफ्त रहने की बात कही गई है। हालांकि, व्यापारियों के बीच यह आशंका बताई गई है कि MDR की लागत को कुछ दुकानदार कीमत बढ़ाकर या मिलने वाली छूट कम करके ग्राहकों तक पहुंचा सकते हैं।

 

UPI पेमेंट पर नजर, लेकिन गिरावट की वजह साफ नहीं
सितंबर के आंकड़ों में कुल UPI ट्रांजैक्शन और उनकी वैल्यू में कमी जरूर दर्ज हुई है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि इसकी एकमात्र वजह MDR चार्ज है। रोजाना औसत ट्रांजैक्शन में अगस्त के मुकाबले सितंबर में बढ़ोतरी बताई गई है। ऐसे में UPI के कुल आंकड़ों में बदलाव को समझने के लिए आने वाले महीनों के आंकड़ों पर भी नजर रखना जरूरी होगा।

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Ayaan Khan

Ayaan Khan

3 घंटे पहले

Market mein itna uthar-chadhaav, investors pareshan hain.

Priya Iyer

Priya Iyer

4 घंटे पहले

Market mein itna uthar-chadhaav, investors pareshan hain.

Diya Gupta

Diya Gupta

6 घंटे पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

Krishna Yadav

Krishna Yadav

7 घंटे पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

8 घंटे पहले

Economy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.

Ada khan

Ada khan

9 घंटे पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

Pooja Reddy

Pooja Reddy

11 घंटे पहले

Market mein itna uthar-chadhaav, investors pareshan hain.

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