फर्जी कागजात डिजिटल हस्ताक्षर के इस्तेमाल का आरोप: नासिक कुंभ के नाम पर ₹305 करोड़ का फर्जीवाड़ा

Arjun Singh
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Aryan Malhotra
6 मिनट पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
₹305 करोड़ की कथित ठगी का मामला
नासिक में कुंभ मेले के नाम पर कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।आरोप है कि ठेकेदारों को फर्जी वर्क ऑर्डर दिखाए गए।इन दस्तावेजों के जरिए सरकारी काम मिलने का भरोसा दिलाया गया।पुलिस के अनुसार कथित ठगी का आंकड़ा करीब ₹305 करोड़ तक पहुंचता है।मामले में अलग-अलग शिकायतों और लेनदेन की जांच की जा रही है।पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
₹591 करोड़ के फर्जी वर्क ऑर्डर
आरोपियों ने कथित तौर पर करीब ₹591 करोड़ के फर्जी टेंडर और वर्क ऑर्डर तैयार किए।इनमें कुंभ मेले से जुड़े विभिन्न कामों का उल्लेख था।दस्तावेजों में सरकारी लोगो और डिजिटल हस्ताक्षर के इस्तेमाल का आरोप है।ठेकेदारों को इन दस्तावेजों के आधार पर काम दिलाने का भरोसा दिया गया।पुलिस अब दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच कर रही है।फर्जी कागजात तैयार करने में और कौन लोग शामिल थे, इसकी पड़ताल जारी है।जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ होगी।
दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
नासिक क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार आरोपियों में तनय महाजन और नरेंद्र महाजन शामिल हैं।दोनों को जलगांव जिले के जामनेर से पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है।पुलिस के अनुसार आरोपियों ने ठेकेदारों को प्रभावित करने की कोशिश की।एक आरोपी पर मंत्री गिरीश महाजन से करीबी का दावा करने का आरोप है।मंत्री ने आरोपी से दूरी बनाते हुए कानूनी कार्रवाई की बात कही है।पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
एक शिकायतकर्ता से ₹2.17 करोड़ लेने का आरोप
मामले में एक प्रमुख शिकायतकर्ता से ₹2.17 करोड़ की कथित ठगी सामने आई है।शिकायतकर्ता को कुंभ मेले का काम मिलने का भरोसा दिया गया था।इसके बदले कथित तौर पर रकम ली गई और फर्जी दस्तावेज दिए गए।काम नहीं मिलने के बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से संपर्क किया।जांच आगे बढ़ने पर अन्य कथित पीड़ितों और लेनदेन की जानकारी सामने आई।पुलिस पूरे मामले को अलग-अलग शिकायतों के आधार पर जांच रही है।इसलिए ₹305 करोड़ को एक ही शिकायतकर्ता से हुई ठगी नहीं माना जाना चाहिए।
फूड और पानी सप्लाई के नाम पर जाल
फर्जी टेंडरों में कुंभ मेले से जुड़े कई तरह के काम शामिल बताए गए हैं।इनमें फूड और पानी सप्लाई जैसे कार्यों का भी उल्लेख था।आरोपियों ने ठेकेदारों को सरकारी ठेका मिलने का भरोसा दिया।फर्जी दस्तावेजों के जरिए कथित तौर पर विश्वास हासिल किया गया।इसके बाद अलग-अलग लोगों से रकम लेने का आरोप है।पुलिस अब पूरे नेटवर्क और पैसों के लेनदेन की जांच कर रही है।मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
तीन मामले दर्ज, अन्य आरोपियों की तलाश
नासिक रोड पुलिस स्टेशन में मामले से जुड़े तीन केस दर्ज किए गए हैं।पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है।गिरफ्तार आरोपियों से फर्जी दस्तावेजों और पैसों के लेनदेन पर पूछताछ की जा रही है।जांच एजेंसियां कथित गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर रही हैं।फर्जी टेंडर तैयार करने और प्रसारित करने वालों की भी जांच होगी।पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कितने ठेकेदार इस जाल में फंसे।मामले की जांच जारी है।








