मिडिल ईस्ट में शांति प्रयासों को बड़ा झटका: लेबनान पर इजरायली हमले से डगमगाई अमेरिका-ईरान शांति पहल

Vaishali shinde
19 घंटे पहलेHum sabko milke is global challenge ka samna karna hoga.
Kunal Rao
20 घंटे पहलेInternational politics bahut tezi se badal rahi hai.
Ritika Ghosh
1 दिन पहलेInternational politics bahut tezi se badal rahi hai.
Navya Nair
1 दिन पहलेInternational politics bahut tezi se badal rahi hai.
Ishaan Tiwari
1 दिन पहलेVishwa shanti ke liye yeh situation concerning hai.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई शांति प्रक्रिया को बड़ा झटका लगा है। इजरायल द्वारा दक्षिणी लेबनान में किए गए ताजा हवाई हमलों के बाद स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित अमेरिका-ईरान शांति वार्ता फिलहाल स्थगित कर दी गई है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में स्थायी शांति की उम्मीदों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लेबनान में रातभर बमबारी, 16 लोगों की मौत
रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायली सेना ने गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में व्यापक सैन्य कार्रवाई की। इस हमले में कम से कम 16 लोगों के मारे जाने की खबर है। इजरायल का कहना है कि लेबनान की ओर से हुए हमलों में उसके चार सैनिक भी मारे गए हैं। दोनों पक्षों के बीच बढ़ती हिंसा ने पूरे क्षेत्र को एक बार फिर युद्ध जैसी स्थिति में ला खड़ा किया है।
हाल ही में हुआ था अमेरिका-ईरान शांति समझौता
बुधवार को फ्रांस के वर्साय पैलेस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मौजूदगी में अमेरिका और ईरान के बीच एक प्रारंभिक शांति समझौते पर सहमति बनी थी। इस समझौते का उद्देश्य मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को रोकना और विभिन्न मोर्चों पर सैन्य गतिविधियों को सीमित करना था।
स्विट्जरलैंड में होने वाला औपचारिक समारोह टला
शांति समझौते को औपचारिक रूप देने के लिए स्विट्जरलैंड में एक विशेष समारोह प्रस्तावित था, जहां अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच हस्ताक्षर होने थे। लेकिन लेबनान में बढ़ती सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया, जिसके चलते पूरा कार्यक्रम टाल दिया गया।
ट्रंप की अपील का नहीं हुआ असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर सभी पक्षों से संयम बरतने और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अपील की थी। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि अमेरिका क्षेत्र में युद्धविराम और स्थिरता का समर्थन करता है। हालांकि, ताजा घटनाक्रम से संकेत मिलते हैं कि उनकी अपील का जमीनी हालात पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
हिजबुल्लाह ने भी किया जवाबी हमला
इजरायली हमले के बाद हिजबुल्लाह ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। संगठन के अनुसार, उसके लड़ाकों ने गाइडेड मिसाइलों के जरिए इजरायल के कई सैन्य टैंकों को निशाना बनाया। हिजबुल्लाह का कहना है कि यह कार्रवाई दक्षिणी लेबनान के रणनीतिक क्षेत्रों में इजरायली सेना की गतिविधियों के जवाब में की गई।
जेडी वेंस का दौरा रद्द, भविष्य की वार्ताओं पर संशय
व्हाइट हाउस सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अब स्विट्जरलैंड नहीं जाएंगे। उन्हें प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) के औपचारिक हस्ताक्षर कार्यक्रम में भाग लेना था। अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि समझौते के अगले चरण और तकनीकी वार्ताओं की समय-सीमा पर अभी पुनर्विचार किया जा रहा है।
क्या फिर भड़क सकता है बड़ा क्षेत्रीय संघर्ष?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लेबनान-इजरायल सीमा पर संघर्ष जारी रहा तो अमेरिका-ईरान के बीच बनी नई कूटनीतिक पहल पूरी तरह पटरी से उतर सकती है। इससे न केवल मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ेगी, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी व्यापक असर पड़ सकता है।




