खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव: भारत ने जताई गंभीर चिंता

Kabir Shukla
1 महीने पहलेAise haalaaton mein diplomatic relations bahut important hote hain.
Vaishali shinde
1 महीने पहलेDuniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.
Kabir Shukla
1 महीने पहलेPoori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.
Ananya Sharma
1 महीने पहलेVishwa shanti ke liye yeh situation concerning hai.
Kabir Shukla
1 महीने पहलेYeh global crisis sab ko affect kar sakti hai.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नाविकों वाले वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों ने नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। भारत सरकार ने खाड़ी क्षेत्र में भारतीय क्रू सदस्यों वाले टैंकरों और जहाजों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें बेहद चिंताजनक बताया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नागरिक जहाजों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और ऐसे हमलों को तत्काल रोका जाना चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने हमलों को बताया चिंताजनक
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हाल के दिनों में भारतीय नाविकों से जुड़े कई गंभीर घटनाक्रम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि भारत अपने नाविक समुदाय की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। मंत्रालय ने क्षेत्र में जारी संघर्ष को इन हमलों का प्रमुख कारण बताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है।
ओमान तट के पास हमले में भारतीय नागरिकों की मौत
सबसे गंभीर घटना 10 जून को सामने आई, जब एमटी सेटेबेलो नामक जहाज पर हमला हुआ। जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार थे। हमले के बाद 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीय नाविक लापता हो गए थे। बाद में दो नाविकों के शव बरामद किए गए, जबकि एक अन्य अधिकारी की तलाश जारी है।
मृतकों की पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया के रूप में हुई है। वहीं चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस घटना ने नाविकों के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
तीन दिनों में भारतीय क्रू वाले तीन जहाज बने निशाना
शिपिंग मंत्रालय के अनुसार 8 जून से 11 जून के बीच भारतीय नाविकों वाले तीन अलग-अलग जहाजों पर हमले हुए हैं।
8 जून: मैरिवेक्स जहाज पर आग लगने की घटना, सभी 24 भारतीय सुरक्षित निकाले गए।
10 जून: एमटी सेटेबेलो पर हमला, 3 भारतीयों की मौत और 21 को बचाया गया।
11 जून: एमटी जलवीर को निशाना बनाया गया, जहाज पर सवार सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारत ने अमेरिकी पक्ष के समक्ष दर्ज कराया विरोध
विदेश मंत्रालय ने ओमान तट के पास हुए हमले को लेकर अमेरिकी राजनयिक प्रतिनिधि को तलब कर विरोध दर्ज कराया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि नागरिक जहाजों और गैर-सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है। नई दिल्ली ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में शांति बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
अमेरिकी नौसेना का क्या है दावा?
अमेरिकी नौसेना का कहना है कि संबंधित जहाज ने उसके निर्देशों का पालन नहीं किया था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार बार-बार चेतावनी के बावजूद आदेश नहीं माने जाने पर जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि यह कार्रवाई सुरक्षा नियमों के तहत की गई थी। हालांकि इस कार्रवाई में भारतीय नागरिकों की मौत के बाद मामला संवेदनशील बन गया है।
क्षेत्र में शांति और कूटनीति की अपील
भारत ने दोहराया है कि क्षेत्र में जारी संघर्ष का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति के जरिए ही संभव है। सरकार ने सभी पक्षों से संयम बरतने और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।









