Impeachment Resolution Against Pete Hegseth: पीट हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव

पीट हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव
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Kabir Shukla

Kabir Shukla

10 घंटे पहले

Community ko mil ke aage aana hoga is mudde par.

Taushif Shekh

Taushif Shekh

10 घंटे पहले

Samaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

12 घंटे पहले

Samaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.

Ada khan

Ada khan

12 घंटे पहले

Yeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.

Monika Das

Monika Das

14 घंटे पहले

Aam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

15 घंटे पहले

Yeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

16 घंटे पहले

Aam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.

Vaishali shinde

Vaishali shinde

16 घंटे पहले

Yeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.

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अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग के आठ Articles पेश किए हैं। मैसी ने आरोप लगाया कि हेगसेथ ने ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को कांग्रेस की मंजूरी के बिना जारी रखा और इस तरह संविधान में निहित कांग्रेस के युद्ध संबंधी अधिकारों तथा 1973 के War Powers Resolution का उल्लंघन किया। यह मैसी का आरोप है, कोई न्यायिक निष्कर्ष नहीं। प्रस्ताव 15 सितंबर 2026 को सदन में पेश किया गया और इसके बाद अमेरिकी संसद में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई।


ईरान सैन्य कार्रवाई बना मुख्य मुद्दा
मैसी के प्रस्ताव के शुरुआती आरोप ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से जुड़े हैं। उनके अनुसार बिना कांग्रेस की युद्ध घोषणा या वैधानिक अनुमति के लंबे समय तक सैन्य अभियान जारी रखना War Powers Resolution के प्रावधानों के विपरीत है। रिपोर्टों के मुताबिक मैसी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा सैन्य कार्रवाई रोकने की कोशिशों के बावजूद ईरान में अभियान जारी रहा। दूसरी ओर, अमेरिकी प्रशासन ईरान में अपने सैन्य कदमों को राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य कार्रवाई से जुड़े अपने अधिकारों के संदर्भ में देखता है। इसलिए महाभियोग प्रस्ताव में लगाए गए आरोपों और सरकार के कानूनी रुख को अलग-अलग समझना जरूरी है।


प्रस्ताव में यमन और वेनेजुएला का भी जिक्र
महाभियोग के आठ Articles केवल ईरान तक सीमित नहीं हैं। मैसी ने यमन में सैन्य अभियानों को भी कांग्रेस की अनुमति के बिना चलाए जाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा प्रस्ताव में वेनेजुएला से जुड़े सैन्य कदम, नागरिकों की सुरक्षा से संबंधित कानूनों की कथित अनदेखी और एक अमेरिकी सांसद के खिलाफ Pentagon की कार्रवाई से जुड़े आरोप भी शामिल हैं। इन सभी बिंदुओं को मैसी ने महाभियोग के आधार के रूप में रखा है। फिलहाल ये सभी आरोप प्रस्ताव में लगाए गए दावे हैं और इन पर सदन की प्रक्रिया तथा आगे की राजनीतिक कार्रवाई होना बाकी है।

 

Privileged Resolution से बढ़ा राजनीतिक दबाव
मैसी ने प्रस्ताव को House privilege के सवाल के रूप में पेश किया है। इस प्रक्रिया के कारण प्रतिनिधि सभा को प्रस्ताव पर निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई करनी होगी, जिससे इसे सामान्य रूप से लंबित रखने की गुंजाइश सीमित हो जाती है। रिपोर्टों के अनुसार सदन को इस प्रस्ताव पर दो legislative days के भीतर विचार करना होगा। हालांकि सदन नेतृत्व के पास procedural तरीके मौजूद हैं, जिनसे प्रस्ताव को आगे बढ़ने से रोका या table किया जा सकता है। इसलिए प्रस्ताव पेश होना अपने आप में हेगसेथ को पद से हटाने या महाभियोग मंजूर होने के बराबर नहीं है।


हेगसेथ पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
पीट हेगसेथ के खिलाफ यह पहला महाभियोग प्रयास नहीं है। इससे पहले अप्रैल 2026 में हाउस डेमोक्रेट्स की ओर से भी उनके खिलाफ छह Articles पेश किए गए थे, जिनमें ईरान में कथित रूप से बिना अनुमति सैन्य कार्रवाई सहित कई आरोप लगाए गए थे। नए प्रस्ताव के साथ यह विवाद एक बार फिर अमेरिकी संसद के केंद्र में आ गया है। Pentagon ने हेगसेथ का बचाव किया है, जबकि मैसी लगातार ईरान युद्ध और राष्ट्रपति की युद्ध संबंधी शक्तियों पर कांग्रेस की भूमिका को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।


अब सदन की अगली कार्रवाई पर नजर
फिलहाल हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग केवल प्रस्ताव के स्तर पर है और उनके खिलाफ कोई अंतिम महाभियोग फैसला नहीं हुआ है। आगे प्रतिनिधि सभा में प्रस्ताव को लेकर procedural कार्रवाई और संभावित मतदान महत्वपूर्ण होगा। यदि सदन Articles को आगे बढ़ाता है तो अमेरिकी महाभियोग प्रक्रिया के अगले चरण शुरू हो सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम का केंद्र ईरान युद्ध में राष्ट्रपति और कांग्रेस के युद्ध संबंधी अधिकारों की सीमा को लेकर जारी संवैधानिक और राजनीतिक बहस है।

 

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Kabir Shukla

Kabir Shukla

10 घंटे पहले

Community ko mil ke aage aana hoga is mudde par.

Taushif Shekh

Taushif Shekh

10 घंटे पहले

Samaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

12 घंटे पहले

Samaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.

Ada khan

Ada khan

12 घंटे पहले

Yeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.

Monika Das

Monika Das

14 घंटे पहले

Aam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

15 घंटे पहले

Yeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

16 घंटे पहले

Aam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.

Vaishali shinde

Vaishali shinde

16 घंटे पहले

Yeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.

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