US Denies Abbas Visa for UNGA: अमेरिका ने महमूद अब्बास का वीजा रोका

Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेIs khabar ka asar kai deshon par padega.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेAise haalaaton mein diplomatic relations bahut important hote hain.
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेHum sabko milke is global challenge ka samna karna hoga.
अमेरिका ने फिलिस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास का संयुक्त राष्ट्र महासभा के आगामी सत्र में शामिल होने के लिए वीजा रोक दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने फिलिस्तीनी प्राधिकरण और फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन के अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध बढ़ाने की घोषणा की है। अब्बास को लगातार दूसरे साल न्यूयॉर्क में होने वाली UNGA बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने से रोका गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने फैसले के पीछे फिलिस्तीनी पक्ष की प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करने और शांति प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली गतिविधियों का हवाला दिया है। इनमें अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में इजरायल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और एकतरफा मान्यता के प्रयास जैसे मुद्दे शामिल हैं। वीजा रोकने के फैसले के बाद यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है।
लगातार दूसरे साल वीजा पर रोक
महमूद अब्बास को इस साल लगातार दूसरी बार संयुक्त राष्ट्र महासभा में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के लिए अमेरिकी वीजा नहीं मिला है। इससे पहले 2025 में भी अमेरिका ने अब्बास और अन्य फिलिस्तीनी अधिकारियों के वीजा पर रोक लगाई थी। उस समय संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक विशेष व्यवस्था के जरिए अब्बास को वीडियो के माध्यम से संबोधित करने की अनुमति दी थी। 2025 में उनका संबोधन रिकॉर्डेड वीडियो के जरिए हुआ था। इस साल भी इसी तरह रिमोट भागीदारी की संभावना पर संयुक्त राष्ट्र में विचार किया जा रहा है। हालांकि 2025 की व्यवस्था इस साल स्वतः लागू नहीं होती, इसलिए नई अनुमति की जरूरत होगी।
अमेरिका ने क्या वजह बताई
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि फिलिस्तीनी प्राधिकरण और PLO ने अमेरिका के साथ अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं किया है। वॉशिंगटन ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों में इजरायल के खिलाफ कार्रवाई और बातचीत के बजाय एकतरफा मान्यता हासिल करने के प्रयासों का उल्लेख किया है। अमेरिकी प्रशासन ने फिलिस्तीनी पक्ष पर आतंकवाद से जुड़े मामलों में भुगतान और सार्वजनिक बयानों तथा पाठ्यपुस्तकों में आतंकवाद के महिमामंडन के आरोप भी लगाए हैं। ये कारण अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से बताए गए हैं और इन्हें अमेरिकी प्रशासन के दावों के रूप में रिपोर्ट करना उचित है। इसी आधार पर वीजा प्रतिबंधों को आगे बढ़ाने की घोषणा की गई है।
UN में वर्चुअल संबोधन की तैयारी
अमेरिका द्वारा वीजा नहीं दिए जाने के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा में महमूद अब्बास की रिमोट भागीदारी का मुद्दा सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार संयुक्त राष्ट्र महासभा में ऐसा प्रस्ताव लाए जाने की संभावना है, जिसके जरिए अब्बास को वीडियो के माध्यम से संबोधित करने की अनुमति दी जा सके। 2025 में भी इसी तरह की विशेष व्यवस्था के तहत उनका वीडियो संबोधन कराया गया था। इस साल प्रस्ताव पारित होता है या नहीं, यह महासभा के फैसले पर निर्भर करेगा। इसलिए फिलहाल अब्बास के वर्चुअल संबोधन को संभावित व्यवस्था के तौर पर ही बताया जा रहा है।
फिलिस्तीनी अधिकारियों पर भी बढ़े प्रतिबंध
अमेरिका ने केवल महमूद अब्बास तक सीमित कदम नहीं उठाया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन के सदस्यों और फिलिस्तीनी प्राधिकरण के अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंधों को बढ़ाने की घोषणा की है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र में औपचारिक रूप से तैनात PLO मिशन के कर्मचारियों के लिए मौजूदा छूट बनाए रखने की बात कही गई है। इस कदम के बाद फिलिस्तीनी प्रतिनिधिमंडल की UNGA में प्रत्यक्ष भागीदारी प्रभावित हो सकती है। अमेरिकी प्रशासन ने इसे अपने कानूनों और पूर्व प्रतिबद्धताओं के संदर्भ में लिया गया फैसला बताया है। दूसरी ओर, फिलिस्तीनी पक्ष के अधिकारियों ने इस फैसले की आलोचना की है।
UNGA से पहले बढ़ा कूटनीतिक विवाद
महमूद अब्बास का वीजा रोके जाने का फैसला संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र से ठीक पहले आया है। इससे अमेरिका और फिलिस्तीनी नेतृत्व के बीच कूटनीतिक मतभेद एक बार फिर सामने आए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा अब्बास की रिमोट भागीदारी को लेकर क्या फैसला करती है। पिछले साल महासभा ने विशेष प्रस्ताव के जरिए उन्हें वीडियो संबोधन की अनुमति दी थी। इस बार भी ऐसी व्यवस्था के लिए नए फैसले की आवश्यकता होगी। फिलहाल अमेरिका का वीजा प्रतिबंध लागू है और अब्बास के व्यक्तिगत रूप से न्यूयॉर्क पहुंचने की संभावना समाप्त हो गई है।








