EPFO Wage Limit Raised to ₹25,000: EPFO वेतन सीमा 25 हजार रुपये हुई, लाखों कर्मचारियों को लाभ

Aditya Verma
9 घंटे पहलेChhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.
Dhruv Bhatt
10 घंटे पहलेRBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.
Vaishali shinde
11 घंटे पहलेMarket mein itna uthar-chadhaav, investors pareshan hain.
Aditya Verma
12 घंटे पहलेYeh decision business community ko buri tarah affect karega.
Dhruv Bhatt
13 घंटे पहलेPaise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.
Ishaan Tiwari
14 घंटे पहलेFinancial planning sochni hogi ab naye sir se.
Payal jadon
15 घंटे पहलेShare market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.
EPFO वेतन सीमा 25 हजार हुई
केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए मासिक वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी है। यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ है। सरकार के अनुसार, इससे देशभर में 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी EPFO के दायरे में आ सकते हैं और उन्हें PF, पेंशन तथा बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
PF योगदान में बदलाव
नई सीमा लागू होने के बाद 15 हजार से 25 हजार रुपये तक वेतन पाने वाले नए पात्र कर्मचारी अनिवार्य EPFO कवरेज में आएंगे। उदाहरण के तौर पर 25 हजार रुपये की सीमा पर 12 प्रतिशत योगदान की गणना की जाए तो कर्मचारी का हिस्सा 3,000 रुपये तक हो सकता है। हालांकि, जिन कर्मचारियों के लिए पहले से वास्तविक वेतन पर PF योगदान किया जा रहा है, उनके योगदान में जरूरी नहीं कि इसी अनुपात में बदलाव हो।
लखनऊ में 50 हजार का असर
लखनऊ मंडल से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, नई सीमा के कारण 50 हजार से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों के PF दायरे में आने की संभावना है। लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई और बाराबंकी समेत संबंधित जिलों में फिलहाल करीब 5.35 लाख कर्मचारियों के PF योगदान की जानकारी दी गई है। नई व्यवस्था के बाद यह संख्या करीब 50 हजार और बढ़ने की संभावना जताई गई है।
पेंशन पर भी असर
नई वेतन सीमा का असर कर्मचारी पेंशन योजना यानी EPS से जुड़े कवरेज और पेंशन निर्धारण पर भी पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक पेंशन की गणना संबंधित नियमों के तहत पेंशन योग्य वेतन और पेंशन योग्य सेवा अवधि को ध्यान में रखकर की जाती है। इसलिए हर कर्मचारी की पेंशन पर प्रभाव उसकी सेवा और योगदान की स्थिति के अनुसार अलग हो सकता है।
वेतन सीमा का इतिहास
EPFO की वेतन सीमा में पिछली बड़ी बढ़ोतरी सितंबर 2014 में हुई थी, जब इसे 6,500 रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया गया था। अब करीब 12 साल बाद इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार नई सीमा 15 सितंबर 2014 के बाद पहली बड़ी संशोधित सीमा है।
पेंशन की गणना कैसे होगी
पेंशन का निर्धारण केवल नई 25 हजार रुपये की सीमा देखकर नहीं किया जाएगा। संबंधित अवधि में लागू पेंशन योग्य वेतन और कर्मचारी की पेंशन योग्य सेवा अवधि को नियमों के अनुसार ध्यान में रखा जाता है। उदाहरण के तौर पर किसी कर्मचारी ने अलग-अलग अवधि में अलग वेतन सीमा के तहत सेवा की है, तो उन अवधियों के लागू नियमों के आधार पर पेंशन योग्य वेतन और सेवा अवधि का आकलन किया जाएगा।
लखनऊ में 50 हजार का असर
लखनऊ मंडल से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, नई सीमा के कारण 50 हजार से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों के PF दायरे में आने की संभावना है। लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई और बाराबंकी समेत संबंधित जिलों में फिलहाल करीब 5.35 लाख कर्मचारियों के PF योगदान की जानकारी दी गई है। नई व्यवस्था के बाद यह संख्या करीब 50 हजार और बढ़ने की संभावना जताई गई है।
पेंशन पर भी असर
नई वेतन सीमा का असर कर्मचारी पेंशन योजना यानी EPS से जुड़े कवरेज और पेंशन निर्धारण पर भी पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक पेंशन की गणना संबंधित नियमों के तहत पेंशन योग्य वेतन और पेंशन योग्य सेवा अवधि को ध्यान में रखकर की जाती है। इसलिए हर कर्मचारी की पेंशन पर प्रभाव उसकी सेवा और योगदान की स्थिति के अनुसार अलग हो सकता है।
वेतन सीमा का इतिहास
EPFO की वेतन सीमा में पिछली बड़ी बढ़ोतरी सितंबर 2014 में हुई थी, जब इसे 6,500 रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया गया था। अब करीब 12 साल बाद इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार नई सीमा 15 सितंबर 2014 के बाद पहली बड़ी संशोधित सीमा है।
पेंशन की गणना कैसे होगी
पेंशन का निर्धारण केवल नई 25 हजार रुपये की सीमा देखकर नहीं किया जाएगा। संबंधित अवधि में लागू पेंशन योग्य वेतन और कर्मचारी की पेंशन योग्य सेवा अवधि को नियमों के अनुसार ध्यान में रखा जाता है। उदाहरण के तौर पर किसी कर्मचारी ने अलग-अलग अवधि में अलग वेतन सीमा के तहत सेवा की है, तो उन अवधियों के लागू नियमों के आधार पर पेंशन योग्य वेतन और सेवा अवधि का आकलन किया जाएगा।
नई सीमा से बढ़ेगा सामाजिक सुरक्षा दायरा
सरकार के अनुसार वेतन सीमा बढ़ाने का उद्देश्य 15 हजार से 25 हजार रुपये के बीच वेतन पाने वाले अधिक कर्मचारियों को अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है। नई व्यवस्था से PF के साथ EPS और EDLI जैसी योजनाओं तक भी पात्र कर्मचारियों की पहुंच बढ़ेगी।








