Cyclone Arnab Flood Alert: चक्रवात अर्नब से ओडिशा में बाढ़ का खतरा

Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Neha Tripathi
5 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Monika Das
6 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Aryan Malhotra
7 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Riya Jain
8 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Shruti Bajpai
9 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Payal jadon
11 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
चक्रवात अर्नब से ओडिशा में बाढ़ का खतरा
चक्रवात अर्नब के असर से ओडिशा में भारी बारिश और अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ओडिशा के साथ छत्तीसगढ़ और झारखंड में होने वाली बारिश भी राज्य के निचले इलाकों में बाढ़ का जोखिम बढ़ा सकती है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
छत्तीसगढ़ और झारखंड की बारिश से क्यों बढ़ेगी परेशानी?
ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ और झारखंड के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश होने से ओडिशा के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। कई नदियां एक राज्य से दूसरे राज्य में बहती हैं। ऐसे में ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश होने पर नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और निचले क्षेत्रों में पानी भरने की आशंका रहती है। इससे नदी किनारे बसे गांवों, सड़कों और खेतों पर असर पड़ सकता है।
ओडिशा के किन जिलों में अलर्ट?
मौसम विभाग ने पुरी, गजपति, गंजाम, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरि जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश होने का अनुमान जताया गया है। वहीं, बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक और खुर्दा समेत 16 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां सात से 11 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है। भारी बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में आवाजाही को लेकर सतर्कता बढ़ाई है।
48 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी
बाढ़ और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए ओडिशा सरकार ने निचले इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों से करीब 48 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बनाई है। गजपति और नबरंगपुर जिलों से लगभग 11-11 हजार लोगों को निकालने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा मलकानगिरि, गंजाम, कोरापुट, रायगड़ा, कालाहांडी और नुआपाड़ा में भी निकासी अभियान चलाया जा रहा है।
राहत और बचाव के लिए टीमें तैनात
राज्य में 135 स्थायी और करीब 1,600 अस्थायी आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए कुल 294 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की नौ, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल की 60 और अग्निशमन विभाग की 225 टीमें शामिल हैं। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जरूरत पड़ने पर समय रहते निकासी करना है।
झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी सतर्कता
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। रांची में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ के बस्तर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ का मध्यम जोखिम भी जताया है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
भारी बारिश के बीच नदियों के जलस्तर, निचले इलाकों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों पर नजर रखना प्रशासन के लिए अहम चुनौती है। लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने तथा जोखिम वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी जाती है।








