Forest Guard Recheck: 28 साल पुरानी वनरक्षक भर्ती की दोबारा होगी जांच

28 साल पुरानी वनरक्षक भर्ती की दोबारा होगी जांच
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Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

0 सेकंड पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

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पुरानी भर्ती की दोबारा जांच
मध्य प्रदेश वन विभाग में करीब 28 साल पहले नियुक्त किए गए वनरक्षकों की लंबाई अब दोबारा मापी जाएगी। शिकायतें सामने आने के बाद वन मुख्यालय ने संबंधित कर्मचारियों की मेडिकल बोर्ड से जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

 

शिकायतों के बाद फैसला
बताया गया है कि उस समय कुछ ऐसे अभ्यर्थी भी भर्ती हो गए थे, जिनकी लंबाई निर्धारित मानक से कम होने की शिकायत है। अब दोबारा माप में यदि किसी कर्मचारी की हाइट तय मानक से कम पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सेवा संबंधी कार्रवाई की जा सकती है।

 

कई जिलों में हुई थी भर्ती
करीब 28 वर्ष पहले इंदौर, देवास, उज्जैन, बालाघाट, मंडला, शहडोल और हरदा समेत कई जिलों में वनरक्षकों की भर्ती एक साथ हुई थी। उस समय लिखित और शारीरिक परीक्षा आयोजित की गई थी, जबकि हाइट समेत अन्य शारीरिक मानकों के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट लिए गए थे।

 

मेडिकल बोर्ड से नहीं हुई थी जांच
उस भर्ती प्रक्रिया में सरकारी मेडिकल बोर्ड से अभ्यर्थियों की जांच कराने की व्यवस्था नहीं थी। अब इसी व्यवस्था को लेकर शिकायतें वन मुख्यालय तक पहुंची हैं, जिसके बाद पुराने रिकॉर्ड और कर्मचारियों की शारीरिक पात्रता की दोबारा जांच कराई जा रही है।

 

इन वन मंडलों में शिकायत
इंदौर, धार, झाबुआ और आलीराजपुर वन मंडलों में करीब एक दर्जन वनरक्षकों और डिप्टी रेंजरों की हाइट निर्धारित मानक से कम होने की शिकायत बताई गई है। इनमें अनुकंपा नियुक्ति के जरिए नौकरी पाने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं।

 

सिर्फ शिकायत वालों की नपती
वन विभाग की ओर से फिलहाल सभी पुराने कर्मचारियों की हाइट दोबारा मापने की बात नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिन कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, उन्हीं की मेडिकल बोर्ड के माध्यम से दोबारा जांच कराई जाएगी।

 

क्या है हाइट का मानक
सामान्य और ओबीसी वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम लंबाई 163 सेंटीमीटर और महिलाओं के लिए 150 सेंटीमीटर निर्धारित है। वहीं एससी-एसटी वर्ग में पुरुषों के लिए न्यूनतम 152 सेंटीमीटर और महिलाओं के लिए 145 सेंटीमीटर का मानक बताया गया है।

 

नौकरी पर भी असर संभव
दोबारा मेडिकल जांच में यदि संबंधित कर्मचारी निर्धारित शारीरिक मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं, तो विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई हो सकती है। इसमें नौकरी से हटाने के साथ पहले मिले वेतन की वसूली की संभावना भी बताई गई है, हालांकि अंतिम कार्रवाई जांच और विभागीय प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।

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Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

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