सरकार के आश्वासन पर वांगचुक ने तोड़ा अनशन: 26 दिन बाद टूटा सोनम वांगचुक का अनशन

Tanya Bajaj
21 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Pranav Srivastava
21 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Reyansh Joshi
1 दिन पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Ayaan Khan
1 दिन पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Harsh Pandya
1 दिन पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Aarav Sharma
1 दिन पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Reyansh Joshi
1 दिन पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Pranav Srivastava
1 दिन पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Ritika Ghosh
1 दिन पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Navya Nair
1 दिन पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Sneha Menon
1 दिन पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Priya Iyer
1 दिन पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Payal jadon
1 दिन पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Taushif Shekh
1 दिन पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Sneha Menon
1 दिन पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Pranav Srivastava
1 दिन पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Sonu rai
1 दिन पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Dev Kapoor
1 दिन पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Ananya Sharma
1 दिन पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Anika Rajput
1 दिन पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Neel Saxena
1 दिन पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Yash Kulkarni
1 दिन पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Kunal Rao
1 दिन पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Tanya Bajaj
1 दिन पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Ayaan Khan
1 दिन पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Rohan Desai
1 दिन पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
देशभर में NEET पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलन के बीच पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त कर दिया। गुरुवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उन्होंने सूप पीकर उपवास तोड़ा। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अनशन समाप्त होने से आंदोलन में एक नया मोड़ आया है। छात्रों और समर्थकों ने इस फैसले का स्वागत किया। अब सभी की नजर सरकार के अगले कदमों पर है।
केंद्रीय मंत्रियों ने दिया सरकार का भरोसा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मेदांता अस्पताल पहुंचे और सोनम वांगचुक से मुलाकात की। दोनों मंत्रियों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सरकार के आश्वासन के बाद वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए था। साथ ही उन्होंने सरकार से वादों को जल्द लागू करने की अपील भी की।
प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई का संदेश दिया। उन्होंने घोषणा की कि ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। सरकार परीक्षा में धांधली रोकने के लिए नया कठोर कानून भी लाने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस घोषणा को छात्र हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दिल्ली में छात्र आंदोलन जारी
सोनम वांगचुक का अनशन खत्म होने के बावजूद दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा का असर
छात्र आंदोलन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के कई प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय सहित कुल 17 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद किए गए। हालांकि यात्रियों के लिए इंटरचेंज सुविधा जारी रखी गई। पुलिस और DMRC लगातार हालात की समीक्षा कर रहे हैं। यात्रियों को यात्रा से पहले अपडेट देखने की सलाह दी गई है।
छात्रों को न्याय मिलने की उम्मीद
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने कहा कि उनका संघर्ष छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता के लिए था। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार अपने आश्वासनों को जल्द लागू करेगी। दूसरी ओर छात्र संगठनों ने कहा कि जब तक ठोस सुधार नहीं होंगे, उनका आंदोलन जारी रहेगा। आने वाले दिनों में सरकार की कार्रवाई और संसद में प्रस्तावित कानून पर पूरे देश की नजर रहेगी। NEET विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा सुधार की बड़ी बहस बन चुका है।







