TGT PGT Protest: प्रयागराज में TGT-PGT अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन

Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेRBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.
Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेKya koi aur khabar bhi aane wali hai is topic par?
Riya Jain
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेMehnat kabhi bekar nahi jaati, yeh aaj saabit hua.
Kabir Shukla
0 सेकंड पहलेYeh case bahut gehri saazish lagti hai.
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में टीजीटी-पीजीटी भर्ती के पुराने नियमों के अनुसार एक और अवसर देने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन चौथे दिन तेज हो गया। गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा निदेशालय और एकलव्य चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अभ्यर्थियों ने कफन ओढ़कर चक्काजाम किया। बाद में पुलिस ने आंदोलनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष पांडेय समेत 12 से अधिक अभ्यर्थियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुरानी भर्ती नियमावली के तहत एक अवसर की मांग
टीजीटी-पीजीटी भर्ती के अभ्यर्थी पुरानी नियमावली के अनुसार एक और अवसर दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर पिछले चार दिनों से शिक्षा निदेशालय में आंदोलन चल रहा है। गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान शिक्षा निदेशालय और एकलव्य चौराहे पर कई घंटे तक गहमागहमी बनी रही। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती से जुड़े नियमों में बदलाव के कारण उनके सामने परेशानी खड़ी हुई है और वे अपनी मांगों पर अधिकारियों से बातचीत करना चाहते हैं।
शिक्षा निदेशालय का मुख्य द्वार बंद होने पर बढ़ा विवाद
अभ्यर्थियों के मुताबिक, गुरुवार सुबह कुछ प्रदर्शनकारी अपने साथियों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था करने और अन्य जरूरी काम से बाहर गए थे। इसी दौरान प्रशासन ने शिक्षा निदेशालय का मुख्य द्वार बंद कर उस पर ताला लगा दिया। जब बाहर गए अभ्यर्थी वापस लौटे तो उन्हें परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। कुछ महिला और पुरुष अभ्यर्थी पहले से ही परिसर के अंदर मौजूद थे। इस घटनाक्रम के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ गई।
एकलव्य चौराहे पर अभ्यर्थियों ने किया चक्काजाम
शिक्षा निदेशालय में प्रवेश नहीं मिलने के बाद अभ्यर्थी एकलव्य चौराहे पर पहुंच गए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने लगे। इसी दौरान मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने कथित तौर पर कहा कि अभ्यर्थी अन्य स्थानों पर प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन शिक्षा निदेशालय परिसर के अंदर धरना देने की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थियों के अनुसार, प्रशासन ने धारा 163 लागू होने का हवाला देते हुए प्रदर्शन समाप्त करने को कहा।
सड़क खाली करने के बाद परिसर में लौटने का रखा प्रस्ताव
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने प्रस्ताव रखा कि वे सड़क खाली करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें शिक्षा निदेशालय परिसर में दोबारा बैठने दिया जाए। उनका कहना था कि भर्ती से जुड़ा मामला शिक्षा विभाग का है, इसलिए संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी मांग रखने का अवसर मिलना चाहिए। अभ्यर्थियों ने बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने की अपील भी की।
शिक्षा निदेशालय लौटते ही पुलिस ने शुरू की हिरासत की कार्रवाई
अभ्यर्थियों के अनुसार, सड़क खाली करने और अधिकारियों से बातचीत की उम्मीद में वे दोबारा शिक्षा निदेशालय पहुंचे। उनका आरोप है कि परिसर में पहले से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे। अभ्यर्थियों के पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें पकड़कर बसों में बैठाना शुरू कर दिया। इस कार्रवाई में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष पांडेय को भी हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जब वे सड़क खाली करने और बातचीत के लिए तैयार थे, तो उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया।
नवनिर्वाचित एमएलसी मान सिंह यादव ने धरने को दिया समर्थन
इलाहाबाद-झांसी क्षेत्र से नवनिर्वाचित एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव गुरुवार को अपने स्वागत कार्यक्रमों के बजाय शिक्षा निदेशालय के गेट पर धरना दे रहे प्रतियोगी छात्रों के बीच पहुंचे। उनके साथ समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल और पार्टी के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। नेताओं ने धरने पर बैठकर अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन किया।
सपा नेताओं ने अभ्यर्थियों को दिया सहयोग का भरोसा
सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि बेरोजगारों, किसानों और नौजवानों समेत समाज का हर वर्ग परेशान है। वहीं, एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव ने अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिया। धरने में सपा जिलाध्यक्ष अनिल यादव, महानगर अध्यक्ष इफ्तेखार हुसैन, महासचिव रविंद्र यादव, प्रवक्ता दान बहादुर मधुर और आरएन यादव समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।








