Delhi Traffic Challan Rules Changed: दिल्ली में ट्रैफिक चालान के नियम बदले

Dhruv Bhatt
4 घंटे पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Neha Tripathi
10 घंटे पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Kavya Mishra
10 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain!
Monika Das
12 घंटे पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Aditya Verma
12 घंटे पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Kabir Shukla
13 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Taushif Shekh
15 घंटे पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
दिल्ली में ट्रैफिक ई-चालान को चुनौती देने की प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत वाहन चालक किसी विवादित चालान को लेकर सीधे कोर्ट नहीं जा सकेंगे। पहले उन्हें निर्धारित शिकायत निवारण अधिकारी के सामने ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करनी होगी। अधिकारी चालान से जुड़े रिकॉर्ड और शिकायत की जांच करेंगे। अगर चालान गलत पाया जाता है तो उसे उसी स्तर पर रद्द किया जा सकेगा। अधिकारी के फैसले से असंतुष्ट होने पर ही आगे कोर्ट जाने का विकल्प रहेगा।
45 दिन के भीतर करनी होगी शिकायत
नई व्यवस्था के तहत चालान जारी होने की तारीख से वाहन चालक के पास 45 दिन का समय रहेगा। इस अवधि में वह या तो चालान का भुगतान कर सकता है या ऑनलाइन शिकायत निवारण अधिकारी के सामने इसे चुनौती दे सकता है। अगर 45 दिनों के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो चालान को स्वीकार माना जाएगा। इसके बाद निर्धारित अतिरिक्त अवधि में जुर्माने का भुगतान करना होगा।
कोर्ट जाने से पहले 50 प्रतिशत रकम
अगर शिकायत निवारण अधिकारी चालान को सही मानता है और वाहन चालक उसके फैसले से संतुष्ट नहीं है, तो वह कोर्ट का रुख कर सकता है। हालांकि, अदालत में सुनवाई शुरू होने से पहले चालान की कम से कम 50 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी। उदाहरण के तौर पर 2,000 रुपये के चालान पर कोर्ट जाने से पहले 1,000 रुपये जमा करने होंगे। यह राशि मामले के अंतिम निपटारे के अनुसार समायोजित या वापस की जाएगी।
चालान गलत निकला तो रकम वापस
अगर कोर्ट में सुनवाई के बाद चालान गलत पाया जाता है और उसे रद्द कर दिया जाता है, तो पहले जमा की गई 50 प्रतिशत राशि वापस किए जाने का प्रावधान है। वहीं, अगर कोर्ट चालान को सही मानता है तो बाकी 50 प्रतिशत राशि भी जमा करनी होगी। यानी शुरुआती 50 प्रतिशत जमा करना चालान की अंतिम स्वीकृति नहीं है, बल्कि कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया की एक शर्त है।
नई व्यवस्था में अधिकारी करेंगे शिकायतों की जांच
दिल्ली में चालान संबंधी शिकायतों के लिए अलग अधिकारियों की व्यवस्था की जा रही है। इनमें विभिन्न विभागों के सेक्शन अधिकारी, खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी, तहसीलदार तथा जिला परिवहन और प्रवर्तन अधिकारी शामिल हैं। SDM और ADM स्तर के अधिकारी इस व्यवस्था की निगरानी करेंगे। नई व्यवस्था राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रभावी होगी।
डिजिटल सिस्टम भी होगा मजबूत
नई व्यवस्था के साथ दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ई-चालान और कैमरा आधारित निगरानी सिस्टम को भी अपग्रेड कर रही है। चालान जारी होने से लेकर शिकायत, भुगतान और कोर्ट रेफर होने तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रिकॉर्ड में रखी जाएगी। मौके पर काटे जाने वाले चालान में वाहन, चालक और कार्रवाई करने वाले अधिकारी की तस्वीर लेना भी अनिवार्य किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक इसका उद्देश्य चालान विवादों को पहले शिकायत स्तर पर निपटाना और कोर्ट तक पहुंचने वाले मामलों की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है।








