मानसी जोशी ने पैरा बैडमिंटन में गोल्ड जीता।: हादसे के बाद वापसी कर मानसी ने मिसाल कायम की।

हादसे के बाद वापसी कर मानसी ने मिसाल कायम की।
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 मानसी जोशी और थुलासिमथी ने जीता गोल्ड, चीन को हराकर रचा इतिहास

भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी मानसी जोशी और थुलासिमथी मुरुगेसन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला युगल SL3-SU5 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया। फाइनल में भारतीय जोड़ी ने चीन की यांग किउशिया और शियाओ जुक्सियान को सीधे गेमों में 21-16, 21-13 से हराया।

 

इस जीत के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने 2025 एशियन चैंपियनशिप के फाइनल में मिली हार का बदला भी चुकता किया। दोनों खिलाड़ियों ने पूरे मुकाबले में बेहतर तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया।

 

हादसे के बाद नहीं मानी हार

मानसी जोशी की सफलता के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी है। दिसंबर 2011 में सड़क हादसे में उनका बायां पैर गंभीर रूप से घायल हो गया था। संक्रमण फैलने के कारण डॉक्टरों को उनका पैर काटना पड़ा। करीब 45 दिनों तक अस्पताल में रहने के बाद मानसी ने नई शुरुआत करने का फैसला किया।

 

बैडमिंटन में की दमदार वापसी

वर्ष 2012 में कृत्रिम पैर की मदद से दोबारा चलना सीखने के बाद मानसी ने बैडमिंटन खेलना शुरू किया। वर्ष 2014 में उन्होंने पेशेवर पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी बनने का निर्णय लिया। मेहनत और निरंतर अभ्यास के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।

 

मानसी जोशी और थुलासिमथी मुरुगेसन की यह जीत भारतीय पैरा खेलों के लिए गर्व का क्षण है। मानसी का सफर बताता है कि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है।

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