रीवा में पिस्टल से फायरिंग: सेल्फी बनी जानलेवा   

सेल्फी बनी जानलेवा   
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 सेल्फी का शौक पड़ा भारी! पिस्टल से चली गोली, फल व्यापारी जिंदगी और मौत के बीच

 

रीवा की सब्जी मंडी में देर रात फायरिंग से मचा हड़कंप, पिस्टल के साथ फोटो खिंचवाने के दौरान अचानक दबा ट्रिगर; शुभम खटीक के पेट में लगी गोली, ICU में जिंदगी की जंग जारी।

 

मध्य प्रदेश के रीवा से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हथियारों के खुले प्रदर्शन और जरा-सी लापरवाही के खतरनाक परिणामों को उजागर कर दिया है। आज के दौर में फोटो और सेल्फी का शौक लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन जब इस शौक में हथियार शामिल हो जाएं तो कुछ सेकंड की लापरवाही किसी की पूरी जिंदगी बदल सकती है। रीवा की सब्जी मंडी में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां कैमरे के सामने पोज देने का सिलसिला अचानक गोली की आवाज में बदल गया और एक फल व्यापारी गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुंच गया।

 

कैमरे के सामने पोज, अचानक चली गोली

जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात रीवा शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित सब्जी मंडी में कुछ लोग पिस्टल के साथ सेल्फी और फोटो खिंचवा रहे थे। इसी दौरान अचानक पिस्टल का ट्रिगर दब गया और गोली चल गई। गोली सीधे वहां मौजूद फल व्यापारी शुभम खटीक, पिता शंकर खटीक, के पेट में जा लगी।

पेट में गोली लगने से हालत गंभीर, ICU में भर्ती

घटना के बाद घायल व्यापारी को तत्काल संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय ले जाया गया। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए ICU में भर्ती कर उपचार शुरू किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी हालत नाजुक बताई गई है। परिवार और परिचितों की चिंता बढ़ी हुई है और सभी उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं।

 

पिस्टल किसकी थी? पुलिस के सामने कई अहम सवाल

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि पिस्टल किसकी थी और उसे वहां कौन लेकर आया था? हथियार लाइसेंसी था या अवैध, इसकी भी जांच की जा रही है।

 

इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था, पिस्टल किसके हाथ में थी और गोली किन परिस्थितियों में चली। पुलिस संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है।

 

हथियार खिलौना नहीं, फिर भी कैमरे के सामने क्यों दिखाया जा रहा है?

रीवा की यह घटना सिर्फ एक गोली चलने का मामला नहीं है, बल्कि समाज में बढ़ते हथियार प्रदर्शन और लापरवाही पर भी सवाल खड़े करती है। सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो डालने के लिए लोग तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं, लेकिन हथियारों के साथ इस तरह का व्यवहार कितना खतरनाक हो सकता है, इसका उदाहरण सामने है।

 

भीड़भाड़ वाली सब्जी मंडी जैसे सार्वजनिक स्थान पर पिस्टल के साथ फोटो खिंचवाना और इस दौरान गोली चल जाना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से भी गंभीर विषय है। यदि गोली किसी अन्य व्यक्ति को लगती या आसपास और लोग इसकी चपेट में आते, तो परिणाम और भी भयावह हो सकते थे।

 

कुछ सेकंड का शौक, किसी परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन सकता है।

आज सवाल यह नहीं है कि सेल्फी किस अंदाज में ली जा रही थी, बल्कि सवाल यह है कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों के साथ ऐसी लापरवाही आखिर क्यों हो रही है? हथियार रखने और इस्तेमाल करने के नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति को दूसरों की लापरवाही की कीमत न चुकानी पड़े।

 

रीवा की इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सोशल मीडिया पर दिखावे और शौक के बीच इंसानी जिंदगी की कीमत कहीं पीछे तो नहीं छूट रही है।

 

अब निगाहें पुलिस जांच पर हैं। पिस्टल किसकी थी, गोली किसके हाथ से चली और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है? इन सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आएंगे। फिलहाल घायल शुभम खटीक के स्वस्थ होने की कामना है।

 

 

 

   

   

 

 

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